Bihar Budget 2026: सदन में नीतीश सरकार पर बरसे रहे तेजस्वी, अध्यक्ष से मांगी बैठकर भाषण पढ़ने की अनुमति, जानिए अब तक क्या क्या कहा?

Bihar Budget 2026: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सरकार पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी ने नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

नीतीश सरकार पर बरसे तेजस्वी - फोटो : reporter

Bihar Budget 2026:  बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को जमकर लताड़ा है। तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला है। वहीं तेजस्वी ने पैर में चोट होने के कारण अध्यक्ष से अनुमति मांगी कि उनको बैठकर भाषण पढ़ने की अनुमति दी जाए। जिसके बाद तेजस्वी ने बैठकर अपनी भाषण पढ़ना शुरु किया। तेजस्वी ने सदन में नीट छात्रा हत्याकांड मामले को लेकर भी सवाल खड़ा किया। तेजस्वी सदन में भाषण दे रहे हैं...

बैठकर तेजस्वी ने नीतीश पर साधा हमला 

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाषण के दौरान उन्होंने अध्यक्ष से अनुमति लेकर बैठकर अपनी बात पूरी करने की इजाजत मांगी और कहा कि वे काफी दर्द में हैं तथा एंटीबायोटिक दवाओं पर चल रहे हैं।

राज्यपाल आए गए लेकिन भाषण नहीं बदला 

तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2015 में वे पहली बार विधायक चुनकर सदन में आए थे। इस दौरान कई राज्यपाल आए और गए, लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण में उन्हें कोई नई बात नजर नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जो भाषण तैयार कर देते हैं, वही पढ़ दिया जाता है।

नीतीश सरकार की दो ही पहचान 

उन्होंने कहा कि इस सरकार की दो पहचान है "झूठी वाहवाही और सौ फीसदी लापरवाही।” तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जनतंत्र को धनतंत्र में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीते बीस वर्षों से लगभग लगातार यही सरकार है और जब भी जनहित के काम के लिए सहयोग की जरूरत होगी, विपक्ष खड़ा रहेगा।

अन्याय के साथ विनाश की स्थिति 

तेजस्वी यादव ने कहा कि “कानून का राज और न्याय के साथ विकास” का दावा करने वाली सरकार के राज में अब “अन्याय के साथ विनाश” की स्थिति बन गई है। उन्होंने याद दिलाया कि जब उनकी गठबंधन सरकार बनी थी, तब दस लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था और विभिन्न विभागों में नियुक्ति की पहल भी उसी दौरान शुरू की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय मुख्यमंत्री कहते थे कि नौकरी देने के लिए पैसा कहां से आएगा। उन्होंने ‘सात निश्चय’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विकास कार्यों की शुरुआत उसी से हुई थी। 


पटना से रंजन की रिपोर्ट