बिहार में लोकतंत्र का चीरहरण: ‘धनतंत्र’ से जीती भाजपा, तेजस्वी बोले— ‘विधायक चुराकर जीत गए, पर हमें झुका नहीं पाए!’

राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद तेजस्वी यादव ने भाजपा की ‘मशीन और धन तंत्र’ वाली राजनीति पर करारा प्रहार किया है। राजद प्रत्याशी एडी सिंह ने भी वोटों के गणित और सेकंड प्रेफरेंस की गिनती में हुई गड़बड़ी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Patna - बिहार की पाँचों राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन को बड़ा झटका दिया है। चुनाव परिणामों के बाद राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का गला घोंटा है। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन की ताकत पर्याप्त थी, लेकिन ऐन वक्त पर विधायकों की 'खरीद-फरोख्त' और दबाव की राजनीति ने नतीजों को प्रभावित किया। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि वे झुकने वालों में से नहीं हैं और इस 'छल' का जवाब जनता की अदालत में देंगे।

वोटों के गणित और रणनीति पर सवाल

राजद प्रत्याशी एडी सिंह ने मतदान के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि महागठबंधन के पास शुरुआत में मजबूत बढ़त थी। उन्होंने कहा कि उन्हें 37 वोट मिले थे, जबकि विपक्षी खेमे के सुहेल राम को मात्र 30 वोट प्राप्त हुए थे। हालांकि, सेकंड प्रेफरेंस (द्वितीय वरीयता) के वोटों की गिनती और अचानक हुए बदलावों ने पासा पलट दिया। एडी सिंह ने इसे रणनीतिक हार के बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों की हार करार दिया।

विधायकों की अनुपस्थिति और क्रॉस वोटिंग

चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक की अनुपस्थिति हार का मुख्य कारण बनी। तेजस्वी यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग विपरीत विचारधारा के सामने घुटने टेक गए, उनके खिलाफ बाद में उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने 'हॉर्स ट्रेडिंग' की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाजपा का 'चाल, चरित्र और चेहरा' हमेशा से ही धनबल और तंत्र के दुरुपयोग का रहा है, जिसका शिकार इस बार बिहार के जनमत को बनाया गया।

एआईएमआईएम (AIMIM) और बसपा का समर्थन

महाबंधन की हार के बावजूद तेजस्वी ने उन दलों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने कठिन समय में उनका साथ दिया। उन्होंने बताया कि एआईएमआईएम (AIMIM) के पाँच विधायकों और बसपा (BSP) के एक विधायक ने मजबूती से महागठबंधन के प्रत्याशी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ये वोट इस बात का प्रमाण हैं कि बिहार में अभी भी सांप्रदायिक और अनैतिक राजनीति के खिलाफ एक साझा मोर्चा सक्रिय है।

आगामी संघर्ष का संकल्प

हार से विचलित हुए बिना तेजस्वी यादव ने इसे एक नए संघर्ष की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने केवल बिहार में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी इसी तरह की 'मशीन तंत्र' और 'धन तंत्र' का प्रयोग किया है। तेजस्वी ने अंत में कहा कि विधायकों की चोरी से सरकारें तो बनाई जा सकती हैं, लेकिन जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। राजद अब इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रदेश भर में जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी में है।

रिपोर्ट - रंजन कुमार