तेजस्वी का सरकार पर तीखा हमला: सत्ता में 'शहजादों' का बोलबाला. परिवारवाद और रीलबाजी में उलझी एनडीए सरकार

Bihar Politics : बिहार के सम्राट सरकार में पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत समेत कई नेताओं के बेटों को मंत्री बनाया गया है। इधर इसपर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है....

तेजस्वी का सरकार पर तीखा हमला- फोटो : रंजन कुमार

Patna : विपक्ष ने बिहार की वर्तमान एनडीए सरकार पर 'परिवारवाद' को लेकर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का आरोप है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल परिवारवाद पर दोहरा मापदंड अपना रहे हैं। तंज कसते हुए कहा कि जो लोग 'वेटनरी ग्राउंड' से परिवारवाद के खिलाफ हुंकार भरकर गठबंधन तोड़े थे, आज उन्हीं की कैबिनेट में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे और 17 से अधिक 'परिवारवादी' मंत्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि अब 'शहजादा' कौन है, क्योंकि बिना चुनाव लड़े ही कई नेताओं के पुत्रों को सीधे मंत्री बना दिया गया है।


सरकार के पास नहीं है कोई ब्लूप्रिंट; खजाना खाली होने का दावा

सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने कहा कि पिछले छह महीनों में बिहार ने दो मुख्यमंत्री देख लिए, लेकिन जनता के लिए कोई 'विजन' सामने नहीं आया। आरोप लगाया कि राज्य का खजाना पूरी तरह खाली है और सरकार के पास ठेकेदारों, पेंशनधारियों व कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए पैसे नहीं हैं। सात निश्चय जैसी योजनाओं का जिक्र न होने और बिजली की बढ़ती दरों को लेकर सरकार को घेरते हुए इसे केवल 'नाम बदलने वाली' और 'रीलबाजी' करने वाली सरकार है।


जातीय असंतुलन और सामाजिक न्याय की अनदेखी का आरोप

कैबिनेट विस्तार में सामाजिक संतुलन की कमी को मुद्दा बनाते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा कि एक ही प्रखंड से दो-दो मंत्री बना दिए गए हैं, जबकि नाई, लोहार, बिंद और बेलदार जैसे अति पिछड़े वर्गों को सत्ता में उचित भागीदारी नहीं दी गई है। यह भी आरोप लगाया गया कि वर्तमान सरकार में केवल रसूखदारों को मौका मिल रहा है और असली भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर 'इंपोर्टेड' नेताओं को तरजीह दी जा रही है। विपक्ष ने इसे समावेशी विकास के दावों के विपरीत बताया है।


बढ़ते अपराध और युवाओं पर लाठीचार्ज को लेकर आक्रोश

राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए विपक्ष ने कहा कि पिछले छह महीनों में अपराध की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। रोजगार की मांग कर रहे TRE (शिक्षक नियुक्ति) के अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार की कड़ी निंदा की गई। विपक्ष का दावा है कि सरकार जनहित के मुद्दों को सुलझाने के बजाय दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है और विरोधियों को डराने के लिए केस-मुकदमों और बुलडोजर जैसी कार्रवाइयों का डर दिखा रही है।


संगठन की मजबूती और प्रदेशव्यापी यात्रा का शंखनाद

सरकार की 'कथनी और करनी' में अंतर को स्पष्ट बताते हुए विपक्षी दल अब जनता के बीच जाने की तैयारी में है। घोषणा की गई है कि हर जिले और प्रखंड में कैडर को रिफॉर्म कर मजबूत किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष जल्द ही एक विशेष यात्रा का शेड्यूल जारी करेंगे, जिसके माध्यम से जनता के सवालों को सदन से लेकर सड़क तक उठाया जाएगा। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वे महिलाओं के आरक्षण, युवाओं की नौकरियों और प्रशासनिक विफलता के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करेंगे।

रंजन की रिपोर्ट