एक करोड़ रोजगार का वादा करने वाली भाजपा अब बरसा रही लाठियां : मुकेश सहनी
Bihar News : राजधानी पटना में आज BPSC द्वारा शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं पर पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। इस मामले को लेकर वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है....
Patna : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज को लेकर राजनीति गरमा गई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि अपने हक और रोजगार की मांग कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसाना इस 'तुगलकी सरकार' की दमनकारी नीति को दर्शाता है, जिसे बिहार का युवा कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
चुनावी वादों पर बीजेपी घेरा
पूर्व मंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय यही लोग एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का बड़ा वादा करते थे। लेकिन सत्ता में आते ही उनकी नीयत बदल गई है। आज जब बिहार का युवा अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए सरकार से जवाब मांग रहा है, तो उसे रोजगार के बदले सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जा रहा है। सहनी ने इसे लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय और बेहद शर्मनाक कृत्य करार दिया।
महिला अभ्यर्थियों के साथ बदसलूकी पर आक्रोश; कार्रवाई की मांग
मुकेश सहनी ने मीडिया में आई तस्वीरों का हवाला देते हुए महिला आरक्षण के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली सरकार में पुलिस ने महिला अभ्यर्थियों को पैरों से कुचला और उनके साथ बर्बरता की। सहनी ने मांग की कि जिन पुलिसकर्मियों ने महिला अभ्यर्थियों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार किया है, सरकार उन्हें तत्काल चिन्हित करे और उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
सरकार बदल गई पर नीयत नहीं
बिहार की राजनीतिक अस्थिरता पर कटाक्ष करते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा कि पिछले छह महीनों में भले ही सरकार बदल गई हो, लेकिन युवाओं के प्रति प्रशासन का नजरिया नहीं बदला। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजगार मांगना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह युवाओं का संवैधानिक अधिकार है। सहनी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी दमनकारी नीतियों को नहीं रोका, तो बिहार की युवा शक्ति इस अन्याय के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
समस्या का समाधान लाठी नहीं, संवाद है
अंत में मुकेश सहनी ने दोहराया कि लाठीचार्ज किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। सरकार को अभ्यर्थियों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए और विज्ञापन जारी करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रति अपनी पार्टी की एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि वे युवाओं के हक की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और सड़क से लेकर सदन तक इस आवाज को बुलंद करेंगे।
देवांशु प्रभात की रिपोर्ट