तेजस्वी यादव ने फुलवारी शरीफ में की चादरपोशी, बिहार और देश में अमन-चैन की मांगी दुआ

बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उर्स के मौके पर बुधवार को पटना के फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह मुजीबिया में उर्स के पवित्र अवसर पर हजरत पीर मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्ला अलैह के मजार पर चादरपोशी की...

तेजस्वी यादव ने फुलवारी शरीफ में की चादरपोशी- फोटो : रंजन कुमार

Patna : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बुधवार को पटना के फुलवारी शरीफ स्थित खानकाह मुजीबिया में उर्स के पवित्र अवसर पर हजरत पीर मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्ला अलैह के मजार पर चादरपोशी की। इस दौरान उन्होंने सूबे बिहार और पूरे मुल्क की तरक्की, शांति, अमन और आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए दुआ मांगी। फुलवारी शरीफ पहुंचने पर राजद नेताओं और स्थानीय लोगों ने तेजस्वी यादव का साफा व टोपी पहनाकर और बुके देकर जोरदार स्वागत किया। चादरपोशी से पूर्व उन्होंने पीर आयतुल्लाह कादरी साहब से मुलाकात कर उनसे दुआएं और आशीर्वाद प्राप्त किया।


वरिष्ठ नेताओं और जायरीनों की रही गरिमामयी मौजूदगी

चादरपोशी के दौरान खानकाह मुजीबिया के मिनहाजुद्दीन कादरी साहब के साथ-साथ राजद के कई शीर्ष और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इनमें अब्दुल बारी सिद्दीकी, डॉ. तनवीर हसन, विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन, विधान पार्षद कारी मोहम्मद सोहैब, प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव और एजाज अहमद प्रमुख रूप से शामिल थे। इनके अलावा डॉ. मोहिबुल हसन हीरा, डॉ. अनवर आलम, दीनानाथ यादव, कौशर खान, फारूक आजम ललन, मो. आसिफ लड्डू और ई. शाहनवाज सहित सैकड़ों की संख्या में जायरीन और अकीदतमंद इस मौके पर मौजूद रहे।


लालू जी से रहा है खानकाह का गहरा नाता: तेजस्वी यादव

मजार पर चादरपोशी के बाद मीडिया और अकीदतमंदों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि फुलवारी शरीफ और खास तौर पर खानकाह मुजीबिया से उनके पिता लालू प्रसाद यादव का हमेशा से गहरा भावनात्मक लगाव रहा है। लालू जी हमेशा ईद, बकरीद और उर्स के अवसरों पर यहां आकर पीर साहब का आशीर्वाद लेते रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि वे भी अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए खानकाह मुजीबिया लगातार आते रहेंगे। यहां के लोगों, पीर साहब और मिन्हाज साहब से मिलने वाले स्नेह से वे काफी प्रभावित हैं और यह जगह उन्हें अपने घर जैसी लगती है।


गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे को मजबूत करने की अपील

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सूफी संतों का यह आस्ताना देश की गंगा-जमुनी संस्कृति और आपस में मोहब्बत का संदेश देने का बहुत बड़ा माध्यम है। आज के समय में इस भाईचारे के माहौल को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि वे मोहब्बत और सौहार्द की संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम जारी रखेंगे।


नफरती ताकतों के खिलाफ संघर्ष का दोहराया संकल्प

अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी यादव ने खानकाह के प्रबंधकों और उपस्थित सभी अकीदतमंदों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनता और पीर साहब का यह प्यार व समर्थन उन्हें नफरती शक्तियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की ताकत देता है। उन्होंने सभी से समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की ताकि राज्य और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सके।

रंजन की रिपोर्ट