आडवाणी की गिरफ्तारी से लेकर आज तक... तेजस्वी यादव ने याद दिलाई लालू की 'ताकत', अल्पसंख्यकों को दिया एकजुट होने का मंत्र

तेजस्वी यादव ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे देश का संविधान बदलकर तानाशाही लाना चाहते हैं। उन्होंने अल्पसंख्यकों से एकजुट होने की अपील की।

  • Patna - आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश एक कठिन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की जरूरत है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक समाज ने हमेशा आरजेडी को आशीर्वाद दिया है और इस बार भी पूरी ताकत के साथ पार्टी को मजबूत किया है।

  • भाजपा और आरएसएस पर सीधा प्रहार

तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में भाजपा और आरएसएस को देश के संविधान के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के संविधान की जगह आरएसएस का एजेंडा थोपना चाहती है। उनके अनुसार, वर्तमान सत्ताधारी दल लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही की ओर कदम बढ़ा रहा है, जिसे रोकने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

लालू यादव की विरासत और रथ यात्रा का जिक्र

संबोधन के दौरान तेजस्वी ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव की विरासत को याद किया। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि मैं लालू जी का बेटा हूँ। जब आडवाणी जी की रथ यात्रा बाबरी मस्जिद की ओर बढ़ रही थी, तब बिहार की इसी धरती पर लालू जी ने उन्हें गिरफ्तार कर सांप्रदायिक ताकतों को रोकने का काम किया था।" उन्होंने साफ़ कहा कि उनका परिवार न कभी झुका है और न कभी इन ताकतों के सामने झुकेगा।

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और 'विभाजन' की राजनीति

तेजस्वी ने बंगाल के एक नेता का हवाला देते हुए भाजपा पर समाज को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर समाज में नफरत फैलाई जा रही है ताकि भाजपा को राजनीतिक फायदा मिल सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि भाजपा का डिजाइन भाईचारे और अमन-चैन को छीनने का है, जिसे हमें पहचानना होगा।

संख्या बल में कमी और भविष्य की चुनौती

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आत्ममंथन करते हुए स्वीकार किया कि पहले अल्पसंख्यक समाज से विधानसभा में 35-40 विधायक हुआ करते थे, जो अब घटकर 20 के आसपास रह गए हैं। उन्होंने कहा कि आपस में बंटने के कारण हमारी संख्या कम हुई है। तेजस्वी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि हम नई सोच के लोग हैं और आने वाले समय में संघर्ष के जरिए इस कमी को दूर करेंगे।

एकजुट रहने और संघर्ष करने का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में तेजस्वी यादव ने कहा कि भले ही चुनाव में कुछ गड़बड़ियों के जरिए सीटें जीतने की कोशिश की गई हो, लेकिन आरजेडी अपने विचारों पर कायम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपनी गलतियों और कमियों को सुधारने का वादा किया। उन्होंने अपील की कि अब समय आपस में लड़ने का नहीं, बल्कि दुश्मनों से मुकाबला करने का है ताकि देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को बचाया जा सके।

रिपोर्ट - रंजन कुमार