जिलाधिकारी ने छठ महापर्व की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की, समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के दिए निर्देश

आगामी छठ महापर्व को लेकर पटना जिला प्रशासन की तैयारियां जोरो पर है। पटना डीएम और एसएसपी ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा की और कई सख्त निर्देश दिए.....

डीएम ने दिए सख्त निर्देश- फोटो : अनिल कुमार

Patna : आगामी छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा-सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने समाहरणालय सभाकक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक की. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और छठव्रतियों की सहूलियत से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां तय समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं.


खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग और पहुंच पथों की मरम्मत पर जोर

बैठक के दौरान डीएम ने निर्देश दिया कि सभी चिह्नित खतरनाक घाटों पर तत्काल प्रभाव से बैरिकेडिंग कराई जाए और उन्हें स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए ताकि श्रद्धालु वहां जाने से बचें. इसके साथ ही मुख्य सड़क से उपयुक्त घाटों तक जाने वाले पहुंच पथों की मरम्मत, घाटों की साफ-सफाई और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक घाटों के निर्माण में तेजी लाने को कहा गया है.


सुरक्षा, सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था के कड़े इंतजाम

घाटों पर सीढ़ियों के निर्माण, कपड़े बदलने के स्थान, वाहन पार्किंग और पर्याप्त वाचटावर बनाने के निर्देश दिए गए हैं. सुरक्षा और निगरानी के लिए सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने को कहा गया है. नगर निकायों को साफ-सफाई व प्रकाश व्यवस्था तथा विद्युत विभाग को अस्थायी कनेक्शनों व वायरिंग की जांच करने का निर्देश दिया गया है.


पटना में 109 और पूरे जिले में 458 छठ घाटों पर युद्धस्तर पर तैयारियां

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बैठक में जानकारी दी कि पटना नगर निगम क्षेत्र के 109 छठ घाटों और स्थायी तालाबों की सफाई के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 60 कृत्रिम तालाबों का भी निर्माण कराया जा रहा है. पूरे जिले में कुल 458 घाटों पर छठ महापर्व की तैयारियां चल रही हैं.


सुरक्षा और सुगम यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस

वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने सुरक्षा और सुगम यातायात प्रबंधन पर जोर देते हुए अभी से ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है. साथ ही सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र के घाटों का भौतिक सत्यापन कर विधि-व्यवस्था पुख्ता करने को कहा गया है.


अनिल की रिपोर्ट