पटना में नावों के अवैध परिचालन परDM और SSP ने दिए सख्त निर्देश, नियमों के उल्लंघन पर होगी जब्ती और FIR
Bihar News : पटना में नावों के अवैध परिचालन पर प्रशसान ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। ओवरलोडिंग रोकने और अनिवार्य निबंधन के लिए अभियान चलेगा। सूर्यास्त के बाद परिचालन बंद रहेगा और खतरनाक घाटों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा....
Patna : जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने समाहरणालय स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में जिले के सभी पुलिस अधीक्षकों, अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO), अंचल अधिकारियों (CO) और थानाध्यक्षों को नदियों में नाव परिचालन के लिए तय सुरक्षा मानकों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने का कड़ा निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जन-सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले नाविकों व संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ओवरलोडिंग रोकने और अनिवार्य निबंधन के लिए चलेगा अभियान
जिलाधिकारी ने बताया कि पटना जिला अंतर्गत दीघा पाटीपुल घाट, कलेक्ट्रेट घाट, गांधी घाट, गायघाट और कच्ची दरगाह समेत विभिन्न प्रमुख घाटों पर निरीक्षण के दौरान नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों, मवेशियों और वाहनों को लादकर परिचालन करने की बात सामने आई है। ऐसी स्थिति में बड़ी दुर्घटनाओं की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसे रोकने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को अंचलवार रोस्टर तैयार कर सभी नावों का अनिवार्य निबंधन (Registration) करने का आदेश दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाली नावों को तुरंत जब्त किया जाएगा।
सुरक्षा मानकों के तहत लाइफ जैकेट और विवरण लिखना जरूरी
नदियों में सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए मोटर यान निरीक्षक (MVI) द्वारा जांच के बाद ही नावों का निबंधन किया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक, प्रत्येक नाव पर उसकी क्षमता (कैरियिंग कैपेसिटी) के अनुरूप लाइफ जैकेट, लाइफ ब्यॉय, फर्स्ट एड किट और रस्सी जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता अनिवार्य होगी। इसके साथ ही, हर नाव पर नाविक का नाम, मोबाइल नंबर, नाव की पंजीकरण संख्या, लोड कैपेसिटी और प्रतिनियुक्त प्रशिक्षित गोताखोर का नाम-पता स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा ताकि आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके।
सूर्यास्त के बाद परिचालन और खतरनाक घाटों पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार, निबंधित निजी या सरकारी नावों का परिचालन सूर्यास्त के बाद (रात में) और सूर्योदय से पहले किसी भी परिस्थिति में नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावा, आँधी, तूफान, तेज हवा या किसी भी प्रकार के प्रतिकूल मौसम की स्थिति में नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खतरनाक घाटों को चिन्हित करें और वहां से नावों के संचालन को पूरी तरह प्रतिबंधित करें।
मुख्य घाटों पर बनेंगे आपदा नियंत्रण कक्ष, CO और थानाध्यक्ष करेंगे मॉनिटरिंग
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पटना के मुख्य घाटों पर आपदा प्रबंधन विभाग का नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया जा रहा है, जहां दंडाधिकारी, पुलिस बल और गोताखोर तैनात रहेंगे। पटना स्मार्ट सिटी और स्थानीय प्रशासन के पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) और थानाध्यक्षों को नियमित अंतराल पर घाटों का औचक निरीक्षण करने और इसकी रिपोर्ट जिला आपदा शाखा, पटना को सौंपने का निर्देश दिया है। इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख अपर जिला दंडाधिकारी (Aडीएम आपदा) करेंगे।
अनिल की रिपोर्ट