‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ संकल्प को धरातल पर उतार रही सरकार: मंगल पांडेय

Bihar Politics : बीजेपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ संकल्प के तहत बिहार की सभी 8,067 पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ के संचालन को एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है....

Patna : पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने बिहार की एनडीए सरकार के नीतिगत फैसलों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ (सुलभ जीवन) को एक नया आयाम दिया है। ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ संकल्प के तहत बिहार की सभी 8,067 पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का संचालन एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। अब राज्य के आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड (ब्लॉक) या जिला मुख्यालयों का चक्कर लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है।


30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से होगा हर जन-शिकायत का निपटारा

मंगल पांडेय ने सहयोग शिविरों की कार्यप्रणाली को समझाते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक अब अपनी शिकायतें सीधे पंचायत स्तर पर ही ऑनलाइन पोर्टल या ऑफलाइन फॉर्म के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। एनडीए सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह जवाबदेह बनाते हुए यह अनिवार्य कर दिया है कि दर्ज की गई हर एक शिकायत का निष्पादन अधिकतम 30 दिनों के भीतर निश्चित रूप से कर दिया जाए। उन्होंने इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में राज्य सरकार की एक अभूतपूर्व पहल करार दिया है।


राशन, पेंशन और दाखिल-खारिज जैसी रोजमर्रा की समस्याओं का गांव में ही अंत

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि यह बिहार में ‘सुशासन’ का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार खुद चलकर जनता के द्वार तक पहुंच रही है। ग्रामीण जनता की रोजमर्रा से जुड़ी बुनियादी जरूरतें और समस्याएं— जैसे राशन कार्ड बनवाना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), नल-जल योजना की खराबी और बिजली बिल की विसंगतियां— अब पंचायत स्तर पर ही शिविर के माध्यम से तुरंत खत्म की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत हो रही है।


व्यापारियों की सुरक्षा के लिए थानों में सेल, रंगदारी मांगने वालों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट

कानून व्यवस्था और सुरक्षा के मोर्चे पर बोलते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि सूबे के व्यापारियों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए हर थाने में ‘व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ’ का गठन किया गया है। इसके अलावा, आपातकालीन आपात सेवा 'डायल-112' को पंचायत स्तर तक इतना मजबूत कर दिया गया है कि सूचना मिलने के मात्र 15 मिनट के भीतर पुलिस सहायता मौके पर पहुंचेगी। प्रमुख हाट-बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना तथा नियमित पुलिस पेट्रोलिंग अनिवार्य की गई है। साथ ही, रंगदारी मांगने वाले अपराधियों के खिलाफ एनएसए (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत तत्काल कठोर कार्रवाई की जा रही है।


'रिएक्टिव' नहीं, बल्कि 'प्रोएक्टिव' गवर्नेंस का बेहतरीन मॉडल है सात निश्चय-3

श्री पांडेय ने तीनों चरणों का विश्लेषण करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहे ‘सात निश्चय-1’ के तहत राज्य में सड़क, बिजली और पानी का जाल बिछाया गया। इसके बाद ‘सात निश्चय-2’ में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित कार्य हुए। अब मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में जारी ‘सात निश्चय-3’ सीधे तौर पर नागरिक के ‘जीवन को आसान’ बनाने का महा-संकल्प है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त शिकायतों का गहरा विश्लेषण कर भविष्य की सरकारी नीतियों में भी सुधार किया जाएगा, जो 'रिएक्टिव' नहीं बल्कि 'प्रोएक्टिव' गवर्नेंस (अग्रगामी शासन) की पहचान है। अंत में उन्होंने बिहारवासियों से इन सहयोग शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने की भावुक अपील की।