Bihar News : डिहरी में तैनात कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या से फूटा अधिकारियों का गुस्सा, पटना में दिया धरना, प्रशासन से की तीखी नोकझोंक

Bihar News : बिहार के डेहरी में पदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के विरोध में सड़क पर अधिकारियों ने प्रदर्शन किया. जहाँ प्रशासन से उनकी तीखी नोकझोंक हो गयी.....पढ़िए आगे

अधिकारियों का फूटा गुस्सा - फोटो : ANIL

PATNA : रोहतास जिले के डेहरी में पदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की निर्मम हत्या के विरोध में बिहार के नगर निकायों के अधिकारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। रविवार को दानापुर थाना क्षेत्र के रूपसपुर स्थित उनके आवास पर दिवंगत अधिकारी का पार्थिव शरीर पहुंचते ही माहौल गमगीन और तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित अधिकारियों ने पार्थिव शरीर के साथ सचिवालय की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसके बाद सड़क पर प्रशासन और प्रदर्शनकारी अधिकारियों के बीच भारी खींचतान देखने को मिली।

विमल कुमार की हत्या के विरोध में एकजुट हुए कार्यपालक पदाधिकारी उनके पार्थिव शरीर को मुख्य सचिवालय ले जाकर सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। हालांकि, कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने गोला रोड स्थित कृष्णा चौक के पास भारी बैरिकेडिंग कर सभी को रोक दिया। प्रशासन द्वारा रोके जाने से नाराज अधिकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और नगर विकास विभाग व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।

सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पटना के डीडीसी और सिटी एसपी (वेस्ट) संकेत कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान सड़क पर अधिकारियों के धरने के कारण काफी देर तक आवागमन बाधित रहा और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

धरने पर बैठे कार्यपालक पदाधिकारियों ने सरकार के समक्ष अपनी सुरक्षा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कई मांगें रखीं। प्रदर्शनकारी अधिकारियों ने मृतक विमल कुमार के परिजनों को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा देने, उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान करने, सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने तथा आत्मरक्षा के लिए अविलंब शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी और अधिकारी निडर होकर काम नहीं कर सकेंगे। फिलहाल पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत कर मामले को शांत कराने और स्थिति को पूरी तरह सामान्य बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

अनिल की रिपोर्ट