Bihar News : News4Nation की खबर के बाद जागा प्रशासन, किशनगंज में खकवा नदी पर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू, BDO ने DM को भेजी जांच रिपोर्ट

Bihar News : किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड क्षेत्र के नोदिया टोली-बैसा घाट पर खकवा नदी के ऊपर अब पुल का निर्माण का निर्माण कराया जायेगा......पढ़िए आगे

जागा प्रशासन - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड क्षेत्र के नोदिया टोली-बैसा घाट पर खकवा नदी के ऊपर अब पुल का निर्माण का निर्माण कराया जायेगा। इस संबंध में बहादुरगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने डीएम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है है। बताते चलें की 1 सितम्बर को News4Nation पर “Bihar Flood: 80 साल की आजादी फिर भी शव को कंधे पर लेकर नदी पार करने की मजबूरी, सिस्टम से ग्रामीणों का सवाल’ शीर्षक से खबर चलायी गयी थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी है। खबर के मुताबिक किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड क्षेत्र के नोदिया टोली-बैसा घाट पर खकवा नदी के ऊपर अब तक पुल नहीं बन सका है। 

नतीजा यह है कि दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बरसात में जब नदी का मिजाज तल्ख होता है और पानी का जलस्तर बढ़ जाता है, तब यही सफर जानलेवा बन जाता है। सबसे दर्दनाक तस्वीर तब सामने आती है, जब किसी गांव में किसी की मौत हो जाती है। बैसा कब्रिस्तान से जुड़े दर्जनों गांवों के लोगों के सामने जनाजे को नदी पार कराने के लिए कंधे पर शव उठाकर पानी में उतरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। 

हाल ही में सड़क हादसे में जान गंवाने वाली 20 वर्षीय शहनसवी बेगम, पिता सईदुर्रहमान, ग्राम बीरपुर के शव को भी इसी तरह खकवा नदी पार कर बैसा कब्रिस्तान ले जाना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने कंधे पर शव उठाया और नदी के पानी के बीच से होकर अंतिम मंजिल तक पहुंचे। यह मंजर न सिर्फ झकझोर देने वाला है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की बदहाली की जीती-जागती तस्वीर भी है।

ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी नदी पार करना मुश्किल है, लेकिन बरसात के मौसम में मुश्किल कई गुना बढ़ जाती है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ तेज बहाव का खतरा बना रहता है। ऐसे में बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों के लिए नदी पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के मुताबिक, पुल निर्माण को लेकर कई बार अधिकारियों से फरियाद की जा चुकी है। कई मौकों पर स्थल निरीक्षण भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बार उम्मीद बंधती है कि अब शायद पुल का ख्वाब पूरा होगा, लेकिन वक्त गुजरता गया और ग्रामीणों की मुसीबत जस की तस बनी रही।