Bihar News : बिहार में सरकारी जमीन हड़पने वालों की खैर नहीं, राजस्व मंत्री ने दी चेतावनी, बनेगा नया कानून, दलालों पर कसेगा शिकंजा
Bihar News : मंत्री दिलीप जायसवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी निजी व्यक्ति के नाम हस्तांतरित किया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
PATNA : राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने तीसरे दिन यानी बुधवार की देर शाम विभागीय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपौल, रोहतास एवं पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने सरकारी जमीन की सुरक्षा और रिकॉर्ड दुरुस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन का बंदरबांट अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम किया गया तो इसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर शीघ्र कानून बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि जमीन से ही विकास की आगे की राह तय होती है। इसलिए सरकारी जमीन का सही रिकॉर्ड और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेवारी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी अथवा मिलीभगत को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित कार्यों के निष्पादन का निर्देश दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी मौजूद रहे।
भूमिहीन परिवारों को वास की भूमि उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य
राजस्व मंत्री ने समीक्षा के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी सुयोग्य श्रेणी के भूमिहीन परिवारों को वास की भूमि उपलब्ध कराना लक्ष्य है। इसलिए इस कार्य में लापरवाही स्वीकार नहीं है। सभी ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें जमीन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अंचल के दलालों पर नजर रखकर काम करने की जरूरत है। भ्रष्टाचार पर निगरानी के लिए आर्थिक अपराध इकाई का विशेष सेल गठित किया गया है और विभाग के करीब पौने दो सौ अधिकारी उसकी निगरानी में हैं। मंत्री ने दो टूक कहा कि मंत्री से लेकर अधिकारी तक हर कुर्सी को ईमानदार होना होगा, तभी भ्रष्टाचार पर प्रभावी वार संभव है।
इन कार्यों की समीक्षा
समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर, फॉर्मर रजिस्ट्रेशन तथा आरसीएमएस के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की बारी-बारी से समीक्षा की गई। राजस्व मंत्री ने लंबी अवधि से लंबित मामलों के तत्काल निष्पादन का निर्देश दिया। विभागीय ऑनलाइन व्यवस्था की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़ा हर कार्य केवल ऑनलाइन मोड में ही किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी अब भी ऑफलाइन तरीके से काम करते पाए गए तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने संबंधित जिलों की रैंकिंग और कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अगले 15 दिनों में स्पष्ट सुधार दिखाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को टॉप-10 में स्थान बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य करना होगा तथा जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना होगा।
डीएम और एडीएम को नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश
पटना जैसे बड़े एवं महत्वपूर्ण जिले की हर स्तर पर रैंकिंग में सुधार का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में ये सुधार अवश्य हो, जिलाधिकारी और अपर समाहर्ता नियमित मॉनिटरिंग कर इस काम को पूरा करें। तीनों जिलों की समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। राजस्व मुख्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की पूरी टीम मौजूद रही। बैठक में सचिव सीमा त्रिपाठी, विशेष सचिव इनायत खान, अपर सचिव प्रशांत सीएच, डॉ. महेंद्र पाल, आजीव वत्सराज, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर, उप निदेशक मोना झा, उप सचिव संजय कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार, अरविंद कुमार, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी तथा आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।