Patna Traffic System: पटना में 7-8 अप्रैल को बदला रहेगा ट्रैफिक! इन रास्तों पर वाहनों के प्रवेश पर रोक, इन मार्गों का करे इस्तेमाल

Patna Traffic System: पटना में 132 केवी ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण कार्य को लेकर 7 और 8 अप्रैल को बड़ा ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। इस दौरान दीघा ओवरब्रिज से रूपसपुर आरओबी तक सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहेगा।

7-8 अप्रैल को बदला रहेगा ट्रैफिक - फोटो : social media

Patna Traffic System: राजधानी पटना में 7 और 8 अप्रैल को ट्रैफिक व्यवस्था बदला रहेगा। जानकारी अनुसार 132 केवी ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण कार्य को लेकर यातायात प्रभावित रहेगा। इस दौरान दीघा से रुपसपुर तक रास्ता बंद रहेगा। इस रुट पर वाहनों का परिचालन नहीं होगा। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। 

इस मार्ग पर पूरी तरह बाधित रहेगा परिचालन 

मिली जानकारी अनुसार दो दिनों के लिए दीघो पटना विद्युत आपूर्ति इकाई (पेसू) के अनुसार, दोनों दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक दीघा ओवरब्रिज से रूपसपुर रेलवे ओवरब्रिज तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहेगा। यह कार्य दीघा लॉक से खगौल लॉक तक पटना मुख्य नहर के किनारे मोनोपोल ट्रांसमिशन टावर स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से इस दौरान ट्रैफिक ब्लॉक लगाया जाएगा।

दो चरणों में लागू रहेगा ट्रैफिक प्लान

प्रथम चरण में मुख्य अवरोध बिंदु नेहरू पथ (रूपसपुर आरओबी) और पाटलिपुत्र जंक्शन के पास रहेंगे। पाटलिपुत्र जंक्शन से उत्तर की ओर जाने वाले वाहन दीघा ब्रिज होकर जाएंगे। दक्षिण दिशा में जाने के लिए दीघा ब्रिज → दानापुर कैंट → सगुना मोड़ → नेहरू पथ का उपयोग करना होगा। दीघा आरओबी से नेहरू पथ के लिए भी यही मार्ग मान्य रहेगा। द्वितीय चरण में मुख्य अवरोध बिंदु पाटलिपुत्र जंक्शन और दीघा आरओबी के पास होंगे। दक्षिण की ओर जाने वाले वाहन नेहरू पथ (रूपसपुर आरओबी) से गुजरेंगे। उत्तर दिशा के लिए नेहरू पथ → सगुना मोड़ → दानापुर कैंट मार्ग तय किया गया है। 

लोगों से सहयोग की अपील

पटना विद्युत आपूर्ति इकाई ने नागरिकों से अपील की है कि निर्धारित समय में वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पेसू के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि पहले दीघा ग्रिड की आपूर्ति अंडरग्राउंड केबल से होती थी, जो हालिया निर्माण कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। अब इसकी जगह मोनोपोल आधारित दो सर्किट वाली 132 केवी ओवरहेड लाइन बनाई जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 300 मेगावाट तक बिजली आपूर्ति संभव होगी, जिससे शहर के कई इलाकों को स्थिर और बेहतर बिजली मिलेगी।