TRE-3 पेपर लीक: EOU ने डॉक्टर को किया गिरफ्तार, 50 हजार रुपये में दिलाता है प्रश्नपत्र

जांच एजेंसी के मुताबिक, डॉ. मनीष की दोस्ती मुख्य आरोपी शिव (उर्फ संजीव मुखिया परीक्षा गिरोह का सरगना का पुत्र) से पहले से थी। इसी नेटवर्क के जरिए TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर आउट कराकर अभ्यर्थियों की भर्ती कराने की साजिश रची गई थी।

TRE-3 Paper Leak- फोटो : news4nation

 Bihar News : शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। ईओयू ने मंगलवार को  बताया कि आरोपी को 27 जुलाई को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। ईओयू के अनुसार, आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-06/2024 में TRE-3 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के दौरान डॉ. मनीष कुमार की संलिप्तता सामने आई।


आरोपी की पहचान डॉ. मनीष कुमार, पिता- शिव शंकर प्रसाद, ग्राम- नेहालपुर, थाना- परसबिगहा, जिला- जहानाबाद के रूप में हुई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, डॉ. मनीष की दोस्ती मुख्य आरोपी शिव (उर्फ संजीव मुखिया परीक्षा गिरोह का सरगना का पुत्र) से पहले से थी। इसी नेटवर्क के जरिए TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर आउट कराकर अभ्यर्थियों की भर्ती कराने की साजिश रची गई थी।


50 हजार रुपये में प्रश्नपत्र 

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, योजना के तहत डॉ. मनीष अभ्यर्थियों से प्रति सीट 50 हजार रुपये लेने का वादा करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि TRE-3 परीक्षा से एक दिन पहले, 15 मार्च 2024 को उसने करीब 30 अभ्यर्थियों को पटना से हजारीबाग के एक होटल में ठहराया, ताकि परीक्षा से पहले उन्हें प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जा सके। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों को वापस पटना लाया गया।


सरकारी डॉक्टर रह चुका है आरोपी

ईओयू ने बताया कि डॉ. मनीष ने वर्ष 2021 में NMCH, पटना से MBBS की डिग्री प्राप्त की थी। वह कैमूर जिले में चिकित्सक के पद पर कार्य कर चुका है और वर्तमान में सरकारी सेवा से त्यागपत्र देकर PG की तैयारी कर रहा है।


अब तक 296 गिरफ्तारियां

आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि TRE-3 पेपर लीक मामले में यह 296वीं गिरफ्तारी है। एजेंसी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कर आर्थिक लाभ कमाने वाले गिरोहों और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ईओयू के अनुसार, मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


अनिल की रिपोर्ट