बिहार कांग्रेस में घमासान: 29 नेताओं को नोटिस जारी होने पर भड़के आनंद माधव, नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल
बिहार कांग्रेस मे घमासान मचा हुआ है।प्रदेश कांग्रेस के 29 नेताओं को नोटिस भेजे जाने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आनंद माधव ने तीखा पलटवार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कड़ा हमला बोला है.....
Patna : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य आनंद माधव ने बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम द्वारा पार्टी के 29 नेताओं को नोटिस जारी किए जाने पर तीखा हमला बोला है। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने इसे कायरतापूर्ण और घिनौनी हरकत करार दिया है और नेतृत्व की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी नोटिस जारी करना अनुचित
आनंद माधव ने अपने बयान में कहा कि समर्पित कांग्रेसियों का दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन समाप्त हो चुका था और एआईसीसी के प्रतिनिधि मनीष चतरथ ने मौके पर पहुंचकर सभी प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया था कि उनकी बात सुनी जाएगी। इसके बावजूद कृष्णा अल्लावरू और राजेश राम द्वारा 29 नेताओं को नोटिस जारी करना पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी अपनी शिकायतें लेकर अपने अभिभावकों (आलाकमान) के पास गए थे, जिसे गलत नहीं ठहराया जा सकता।
'बिहार कांग्रेस को कमजोर करने का लगाया जा रहा एजेंडा'
उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग, बिहार कांग्रेस को कमजोर करने और इसे कांग्रेसी मुक्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्पित कांग्रेसजन इन कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं। तुलसीदास की प्रसिद्ध पंक्ति— "इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तर्जनी देखि मरि जाहीं॥"—का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के सच्चे सिपाही धमकियों से घबराने वाले नहीं हैं।
नोटिस से नेतृत्व की घबराहट और विरोध का हुआ खुलासा
आनंद माधव के मुताबिक, इन नोटिसों के जारी होने से दो मुख्य बातें साफ हो गई हैं—पहला यह कि नेतृत्व अंदर से डरा हुआ है, और दूसरा यह कि उन्होंने खुद यह स्वीकार कर लिया है कि उनके खिलाफ कई पूर्व विधायक, पूर्व जिलाध्यक्ष और राज्य के तमाम बड़े नेता खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के मद में ये लोग यह भूल रहे हैं कि रावण का अहंकार भी नहीं टिका था। पार्टी के भीतर न्याय और सत्य की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक मुकाम हासिल नहीं हो जाता।
नरोत्तम की रिपोर्ट