20 लाख की ग्रेच्युटी के बदले एक लाख की डिमांड, घूस लेते PWD बाबू गिरफ्तार, दारोगा भी नपा

एक रिटायर्ड कर्मचारी की ग्रेच्युटी पास करने के बदले रिश्वत लेते सीनियर क्लर्क को दबोचा गया, वहीं कानपुर में स्टेशन सौंदर्यीकरण के ठेकेदार से घूस लेते जीआरपी चौकी इंचार्ज को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

N4N Desk  - झांसी के लोक निर्माण विभाग (PWD) खंड 3 में भ्रष्टाचार का घिनौना चेहरा सामने आया है। आईटीआई शिवपुरी रोड निवासी राजेंद्र ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता घनश्याम कुशवाहा, जो बेलदार के पद से रिटायर हुए थे, उनकी 20 लाख रुपये की ग्रेच्युटी पास करने के बदले सीनियर क्लर्क संतोष निरंजन एक लाख रुपये की मांग कर रहा था। डील 20 हजार रुपये में तय हुई, जिसके बाद एंटी करप्शन प्रभारी शादाब खान की टीम ने जाल बिछाया और मंगलवार को कार्यालय में रिश्वत लेते संतोष को रंगे हाथ धर दबोचा। आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया है।

कानपुरस्टेशन सौंदर्यीकरण में अड़ंगा डाल रहे दारोगा गिरफ्तार 

भ्रष्टाचार का दूसरा मामला कानपुर से सामने आया, जहाँ अनवरगंज जीआरपी चौकी इंचार्ज को सोमवार को पांच हजार रुपये घूस लेते पकड़ा गया। रेल गति शक्ति यूनिट द्वारा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर पत्थर लगवाने का काम करा रहे ठेकेदार से चौकी इंचार्ज काम के बदले पैसों की मांग कर रहा था। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी जटाशंकर सिंह की अगुवाई में टीम ने स्टेशन के पैदल यात्री पुल के पास कार्रवाई करते हुए दारोगा को हिरासत में लिया और पुलिस लाइन थाने ले गई।

डिजिटल साक्ष्यों और जाल में फंसे भ्रष्टाचारी 

दोनों ही मामलों में एंटी करप्शन टीम ने वैज्ञानिक तरीके से जाल बिछाया था। झांसी के मामले में पीड़ित राजेंद्र ने बताया कि क्लर्क न केवल ग्रेच्युटी बल्कि पेंशन के लिए भी लगातार परेशान कर रहा था। वहीं कानपुर में ठेकेदार की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए टीम ने दोपहर तीन बजे कार्रवाई को अंजाम दिया। इन गिरफ्तारियों से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि दोनों ही आरोपी रंगे हाथ नोटों के साथ पकड़े गए हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे प्रदेश में 'क्लीन स्वीप' 

उत्तर प्रदेश में इस समय सरकारी तंत्र से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए चौतरफा कार्रवाई हो रही है। झांसी और कानपुर की ये घटनाएं यह दर्शाती हैं कि चाहे वह पीडब्ल्यूडी जैसा बड़ा विभाग हो या पुलिस महकमा, भ्रष्टाचार करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के ऑपरेशन्स जारी रहेंगे और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी विभाग में रिश्वत मांगे जाने पर तत्काल एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर सूचना दें।