Bihar Crime : PMCH के 30 जूनियर डॉक्टरों पर FIR, नशे में मरीज और परिजनों को पीटने, मोबाइल और बैग छीनने का आरोप
PATNA : बिहार की राजधानी के प्रतिष्ठित पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। मधुबनी निवासी राहुल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के करीब 25 से 30 जूनियर डॉक्टरों और गार्डों ने मिलकर उनके और उनके परिवार के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उनका कीमती सामान भी छीन लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पीरबहोर थाने में अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
विवाद की जड़: 'बाहर से सीटी स्कैन' कराने का दबाव
पीड़ित राहुल मिश्रा के अनुसार, वह और उनका भाई सोनू 2 मार्च को एक ट्रेन यात्रा के दौरान अथमलगोला के पास घायल हो गए थे। बेहतर इलाज के लिए उन्हें बाढ़ अस्पताल से PMCH रेफर किया गया था। 3 मार्च को जब वे सर्जरी विभाग पहुँचे, तो डॉक्टरों ने सीटी स्कैन बाहर से कराने को कहा। जब राहुल ने लिखित में देने की मांग की कि जाँच अस्पताल में संभव नहीं है, तो डॉक्टर और गार्ड आगबबूला हो गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
मरीन ड्राइव के पास घेरा, नशे में धुत थे डॉक्टर!
शिकायत के मुताबिक, जान बचाकर भाग रहे तीनों भाइयों और उनकी माँ को जूनियर डॉक्टरों और गार्डों ने मरीन ड्राइव की ओर जाने वाले रास्ते पर घेर लिया। राहुल का आरोप है कि मारपीट करने वाले सभी डॉक्टर नशे की हालत में थे। उन्होंने बेरहमी से पिटाई करने के साथ-साथ राहुल का मोबाइल फोन और एक ट्रॉली बैग भी छीन लिया, जिसमें कपड़ों के अलावा कई कीमती सामान मौजूद थे।
इलाज के लिए दर-दर भटके घायल, सरकारी अस्पतालों ने फेरा मुँह
हैरत की बात यह है कि PMCH में हुई इस मारपीट के बाद घायलों को 'इंजरी रिपोर्ट' के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। पीड़ित पहले गार्डनर अस्पताल गए, जहाँ डॉक्टरों ने इंजरी देने से मना कर दिया। इसके बाद वे दो घंटे तक गर्दनीबाग अस्पताल में भटकते रहे। अंततः, सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर उन्हें एक निजी अस्पताल में अपना इलाज कराना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज का इंतज़ार
पीरबहोर थानाध्यक्ष सज्जाद गद्दी ने पुष्टि की है कि 25 से 30 अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए अस्पताल कैंपस के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पहुँची थी, लेकिन होली की छुट्टियों के कारण दफ्तर बंद होने से फुटेज नहीं मिल सके। पुलिस का कहना है कि दफ्तर खुलते ही फुटेज सुरक्षित किए जाएंगे और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनिल की रिपोर्ट