उपेंद्र कुशवाहा के RLM में बगावत ! तीन विधायकों ने पार्टी का फरमान मानने से किया इनकार, NDA उम्मीदवार के खिलाफ उतरे

आलोक सिंह ने कहा कि राजनीति केवल चुनाव लड़ने और जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सम्मान, निष्ठा और संगठन के रिश्तों का नाम है।

Upendra Kushwahas RLM Faces Rebellion- फोटो : news4nation

Upendra  बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में अंदरूनी टकराव खुलकर सामने आता दिख रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह समेत तीन विधायक सोमवार को सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से रामपुकार सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। सारण शिक्षक सीट पर NDA की ओर से JDU के आनंद पुष्कर उम्मीदवार हैं। ऐसे में RLM के तीन विधायकों का रामपुकार सिन्हा के समर्थन में सामने आना गठबंधन के भीतर मतभेद का संकेत माना जा रहा है।


रामपुकार सिन्हा RLM से जुड़े नेता हैं और उन्होंने 5 अक्टूबर को सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने की घोषणा की थी। इससे पहले RLM की ओर से इस सीट पर दावेदारी सामने आई थी, जबकि NDA की संयुक्त रणनीति में BJP और JDU के उम्मीदवारों को समर्थन देने की बात कही गई थी।


तीनों विधायक रामपुकार सिन्हा के साथ

रामपुकार सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में RLM के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक आलोक सिंह, बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो और मधुबनी विधायक माधव आनंद पहुंचे। आलोक सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। आलोक सिंह ने कहा कि राजनीति केवल चुनाव लड़ने और जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सम्मान, निष्ठा और संगठन के रिश्तों का नाम है। उन्होंने रामपुकार सिन्हा के नामांकन में अपनी मौजूदगी को कार्यकर्ताओं के सम्मान, विश्वास और मनोबल के साथ खड़े होने का संकल्प बताया।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि RLM NDA की सहयोगी थी, है और आगे भी NDA के साथ खड़ी रहेगी। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के विकास एवं जनहित के प्रयासों के प्रति पार्टी का समर्थन जारी रहेगा।


उपेंद्र कुशवाहा का अल्टीमेटम

दिलचस्प बात यह है कि उपेंद्र कुशवाहा ने तीन दिन पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विधान परिषद चुनाव को लेकर पार्टी की लाइन स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि जिन क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, वहां NDA की ओर से BJP और JDU के उम्मीदवार मैदान में हैं और RLM दोनों दलों के उम्मीदवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।


कुशवाहा ने यह भी कहा था कि इसके अलावा पार्टी के किसी साथी की ओर से चुनाव से संबंधित किसी भी तरह की गतिविधि अनुशासनहीनता के दायरे में आएगी। ऐसे में अब RLM के तीन विधायकों का NDA के JDU उम्मीदवार के मुकाबले मैदान में उतरे रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल होना पार्टी के भीतर मतभेद को सामने ला रहा है।


माधव आनंद बोले- कार्यकर्ताओं में नाराजगी

RLM विधायक माधव आनंद ने पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी का दावा किया है। उन्होंने कहा कि रामपुकार सिन्हा को समर्थन देने का फैसला कार्यकर्ताओं के सम्मान के मुद्दे पर लिया गया है। माधव आनंद ने यह भी कहा कि वे सरकार और NDA के समर्थन में बने हुए हैं।


माधव आनंद के अनुसार, पार्टी के कार्यकर्ताओं में संगठन में सम्मान नहीं मिलने को लेकर नाराजगी है। उन्होंने पार्टी में परिवारवाद को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि पिछले कुछ महीनों में हुई कई घटनाओं से संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा हुआ है। इन दावों पर RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की ओर से इस खबर के लिए अलग प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


NDA से अलग होने से इनकार

तीनों विधायकों की मौजूदगी को लेकर पैदा हुए राजनीतिक विवाद के बीच आलोक सिंह ने अपने बयान में RLM के NDA से अलग होने की किसी संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि NDA का शीर्ष नेतृत्व उनके लिए सर्वोपरि है और शीर्ष नेतृत्व का जो भी निर्णय होगा, उसका सम्मान करना संगठनात्मक जिम्मेदारी है। 

आलोक सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान को मजबूत करना, संगठन को सशक्त बनाना और NDA की एकजुटता को मजबूत करना है।


सारण शिक्षक सीट पर मुकाबला हुआ बहुकोणीय

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार मुकाबला कई कोणों वाला हो गया है। JDU ने यहां आनंद पुष्कर को NDA उम्मीदवार बनाया है, जबकि RLM से जुड़े रामपुकार सिन्हा ने भी नामांकन दाखिल किया है। जन सुराज की ओर से निवर्तमान MLC अफाक अहमद भी मैदान में हैं। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। इन आठ सीटों में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।