मंगल पांडेय जी क्यों दिखा रहे हैं ऐसी मेहरबानी ! डॉ गणपत जेल गए, सीएम की यात्रा से गायब, कई गंभीर आरोप हैं फिर भी 10 साल से एक जगह पोस्टिंग

कई गंभीर आरोपों के बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतुहा के चिकित्सा पदाधिकारी गणपत मंडल के पिछले 10 वर्षों से एक ही जगह पदस्थापित होना स्वास्थ्य विभाग पर बड़े सवाल खड़ा कर रहा है

Dr. Ganpat Mandal, Community Health Center Fatuha- फोटो : news4nation

Bihar News :  पटना जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतुहा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी गणपत मंडल पर कई गंभीर आरोप लगने और कार्य में लापरवाही की विभिन्न शिकायतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग उन पर मेहरबान है. डॉ गणपत मंडल पर 1 करोड़ 46 लाख रुपए की ठगी का भी आरोप है. यहां तक कि उनकी गिरफ्तारी हुई और 71 दिन जेल में भी रहे. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान भी ड्यूटी लगने के बावजूद अनुपस्थित रहे और विभाग ने उन्हें इसे लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की. इसी प्रकार की कई अन्य शिकायतों के आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ऐसे लापरवाह चिकित्सा पदाधिकारी को लोगों के जीवन से खेलने का अधिकार दिए है. 


दरअसल, वर्ष 2017 में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गणपत मंडल से जुड़ा बड़ा विवाद 1 करोड़ 46 लाख रुपए की ठगी का सामने आया. उन पर आरोप लगा कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की गई. पटना के कोतवाली थाना में आरोपित डॉक्टर के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ. आरोप लगा कि डॉक्टर ने अपनी बेटी के माध्यम से लोगों से सम्पर्क किया और करोड़ों रुपए की ठगी की. इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई. वे 71 दिन जेल में रहे. 


10 साल से एक जगह पदस्थापित 

इतना ही नहीं डॉ गणपत मंडल पिछले करीब 10 वर्षों से फतुहा में पदस्थापित हैं. यह अपने आप में हैरान करता है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है उन्हें एक ही अस्पताल में दस साल से बरकरार रखा गया है जबकि यह पूरी तरह से विभागीय गाइड लाइन के प्रतिकूल है. पिछले वर्षों के दौरान कई मौकों पर डॉ गणपत मंडल पर बिना बताए ड्यूटी से गायब रहने का मामला सामने आया. यहां तक कि इसे लेकर विभाग की ओर से उनसे स्पष्टीकरण भी लिया गया लेकिन उनका लापरवाही का ढर्रा बरक़रार है. 


सीएम नीतीश के प्रोग्राम से रहे गायब 

डॉ गणपत मंडल ने पिछले वर्ष 21 फरवरी 2025 को शीर्ष अधिकारियों को भी हैरान कर दिया जब वे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से गायब हो गए. नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान उनकी ड्यूटी लगी लेकिन वे अनुपस्थित हो गए. नतीजा रहा कि उन्हें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद से हटा दिया गया. लेकिन फिर से विभाग ने मेहरबानी दिखाते हुए उन्हें फतुहा में पोस्टिंग दे दी. डॉक्टर की कार्य के प्रति लापरवाही के कारण कई मौकों पर स्थानीय लोगों ने शीर्ष स्तर पर शिकायत भी की है. 


उपस्थिति पंजी में छेड़छाड़ 

अस्पताल के कार्यालय उपस्थिति पंजी में छेड़छाड़ कर फर्जी से उपस्थिति दर्ज करने का मामला भी डॉ गणपत मंडल से जुड़ा रहा है. जैसे जनवरी 2025 में 20 से 25 जनवरी तक डॉ गणपत मंडल अनुपस्थित रहे. उपस्थिति पंजी पर इस अवधि में उनके नाम के सामने कॉलम में सीएल भरा गया. लेकिन उसके बाद उपस्थिति पंजी में छेड़छाड़ कर गणपत मंडल ने 23, 24 और 25 जनवरी के सीएल को कट कर उसमें अपनी उपस्थिति दिखा दी. इससे अस्पताल कर्मी भी हैरान हैं.