पूर्णिया एयरपोर्ट की 'सुपरफास्ट' कामयाबी: अब इंटरनेशनल बनने की तैयारी, दिल्ली-मुंबई के बाद विदेश तक का सफर होगा आसान

पूर्णिया एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ और जबरदस्त रिस्पॉन्स को देखते हुए पूर्णिया एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एयरपोर्ट को 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन सौंपी जा चुकी है, जहाँ एक अत्याधुनिक और स्थायी टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है।

पूर्णिया एयरपोर्ट की 'सुपरफास्ट' कामयाबी: अब इंटरनेशनल बनने की तैयारी- फोटो : news 4 nation

बिहार के विमानन क्षेत्र में पूर्णिया एयरपोर्ट एक नए पावरहाउस के रूप में उभरा है। 17 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद, महज चार महीनों के भीतर इस एयरपोर्ट ने 1.10 लाख यात्रियों को सेवाएं देकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए यह एयरपोर्ट दशकों पुराने इंतजार का सुखद अंत साबित हुआ है, जिसने क्षेत्र की कनेक्टिविटी को रातों-रात बदल दिया है।

फुल फ्लाइट्स और बढ़ती मांग: सीमांचल का बढ़ता दबदबा

वर्तमान में पूर्णिया से दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के लिए इंडिगो और स्टार एयर की पांच नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। यात्रियों की भारी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग सभी फ्लाइट्स लगातार फुल बुकिंग के साथ उड़ान भर रही हैं। इस एयरपोर्ट का लाभ न केवल पूर्णिया को, बल्कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों और पश्चिम बंगाल के करीब एक दर्जन जिलों को भी मिल रहा है।

विस्तार की तैयारी: इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की ओर कदम

बढ़ती भीड़ और जबरदस्त रिस्पॉन्स को देखते हुए पूर्णिया एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। एयरपोर्ट को 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन सौंपी जा चुकी है, जहाँ एक अत्याधुनिक और स्थायी टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है। अगले महीने शुरू होने वाली टेंडर प्रक्रिया के साथ यहाँ विश्वस्तरीय सुविधाएं और 500 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी। अधिकारियों का लक्ष्य इसे जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करना है।

विकास का नया इंजन और भविष्य की योजनाएं

मनिहारी-साहिबगंज पुल के पूरा होने के बाद यहाँ यात्रियों की संख्या में और भी बड़े उछाल की उम्मीद है। एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार, भविष्य में यहाँ से मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए भी उड़ानें शुरू करने की योजना है। जिस सीमांचल को कभी पिछड़ा माना जाता था, आज वही क्षेत्र पूर्णिया एयरपोर्ट के जरिए बिहार के एविएशन सेक्टर का एक मजबूत स्तंभ बनकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।