Bankipur Bypoll : बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने ‘बीजेपी’ को दिया बड़ा झटका, चारों खाने चित्त हुए ‘लालू’ और ‘नीतीश’
Bankipur Bypoll : बांकीपुर में मिली जीत केवल एक सामान्य चुनावी सफलता नहीं है, बल्कि प्रशांत किशोर ने तीन दशकों से कायम भाजपा के अभेद्य गढ़ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। वहीँ लालू नीतीश को भी झटका दिया है......पढ़िए आगे
PATNA : बिहार के सबसे हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के आए नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी पहली ही चुनावी पारी में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दे दी है। इस चुनाव में प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के नीरज कुमार 44,827 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा कुमारी 14,273 मत पाकर तीसरे स्थान पर खिसक गईं।
इस सीट पर मिली जीत केवल एक सामान्य चुनावी सफलता नहीं है, बल्कि प्रशांत किशोर ने तीन दशकों से कायम भाजपा के अभेद्य गढ़ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस चुनाव परिणाम ने कई नेताओं को करारा झटका दिया है। बांकीपुर सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्मत आजमा रहे नीतीश कुमार नाम के उम्मीदवार को महज 149 वोट ही मिले, जबकि दूसरे निर्दलीय प्रत्याशी लालू प्रसाद यादव को मात्र 81 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। परिणाम स्वरूप दोनों प्रमुख नामों वाले निर्दलीय प्रत्याशियों की जमानत भी जब्त हो गई।
विधानसभा उपचुनाव के इस मुकाबले को सत्तारूढ़ एनडीए और मुख्य विपक्षी महागठबंधन दोनों के लिए साख की लड़ाई माना जा रहा था। पूर्व में इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके और वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। लगातार कई बार से इस सीट पर कब्जा जमाए बैठी भाजपा के लिए यह हार एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि यहां पार्टी के दिग्गज नेताओं और स्टार प्रचारकों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि बांकीपुर की जनता ने पारंपरिक वोट बैंक की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है। राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी का 50 हजार से अधिक मतों से पिछड़ जाना और मुख्य मुकाबले से बाहर हो जाना यह दर्शाता है कि विपक्ष का पारंपरिक मतदाता भी इस बार बदलाव के मूड में नजर आया। जन सुराज द्वारा जमीनी स्तर पर उठाए गए विकास, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों ने शहरी मतदाताओं को बड़े पैमाने पर आकर्षित किया।
अपनी पहली बड़ी चुनावी जीत दर्ज करने के बाद प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और इसे बिहार में बदलाव की नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने धनबल, बाहुबल और पारंपरिक जातीय समीकरणों के खिलाफ जाकर जन सुराज के विकासवादी विजन पर अपनी मुहर लगाई है। इस जीत के साथ ही बिहार में अब दो ध्रुवीय राजनीति के बजाय एक मजबूत 'तीसरे विकल्प' का उदय होता दिख रहा है, जो आने वाले समय में राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकता है।