अम्बेडकर स्कूल में 'अंधेरगर्दी': सड़ा आलू और खराब पानी देख आगबबूला हुए मंत्री लखेंद्र पासवान, लिया बड़ा एक्शन, प्रिंसिपल सस्पेंड, अफसरों पर गिरेगी गाज
छात्रों को सड़ा हुआ आलू खिलाए जाने और परिसर में व्याप्त गंदगी देख भड़के मंत्री ने तत्काल प्रभाव से प्रिंसिपल को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने जिला और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिया।
Purnia - पूर्णिया के जानकी नगर स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय में फैली भारी अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने कड़ा रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की बदहाली देख मंत्री ने तत्काल प्रभाव से प्रिंसिपल को सस्पेंड करने का आदेश दिया और साथ ही DWO, BWO एवं अन्य संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
निरीक्षण में खुली अव्यवस्था की पोल
मंत्री लखेंद्र पासवान ने विद्यालय के छात्रावास और परिसर का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि विद्यालय में साफ-सफाई से लेकर छात्रों की मूलभूत सुविधाओं तक में भारी कमी है। निरीक्षण के दौरान भवन के रखरखाव में लापरवाही, गंदे बिस्तर और मच्छरों से बचाव के इंतजामों का अभाव जैसी कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।
सड़ा हुआ आलू और खराब पानी: छात्रों की सेहत से खिलवाड़
सबसे चौंकाने वाली बात विद्यालय के मेस (भोजन कक्ष) में देखने को मिली। मंत्री ने जब रसोई का जायजा लिया, तो पाया कि छात्रों को खिलाने के लिए सड़े हुए आलू का उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा, विद्यालय में लगा आरओ (RO) सिस्टम भी खराब पाया गया, जिससे छात्रों को पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा था। मंत्री ने इसे 'गरीब बच्चों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़' करार दिया।
दोषियों पर गिरेगी गाज
इस बदहाली को देख मंत्री पासवान ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इन आवासीय विद्यालयों के लिए भारी-भरकम राशि खर्च करती है, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के कारण बच्चों तक सुविधाएं नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल के निलंबन के साथ ही जिला कल्याण पदाधिकारी (DWO) और प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (BWO) की जवाबदेही भी तय की जाएगी और उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सुधार के लिए सख्त समय सीमा
मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आदेश दिया कि विद्यालय की सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने छात्रों को नए गद्दे, बेडशीट और मच्छरदानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, भवन निर्माण निगम के माध्यम से विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार और अधूरे पड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।