DIG कोसी ने फूंका सुरक्षा का बिगुल:सहरसा में क्राइम मीटिंग के साथ 'नशा मुक्ति' और 'आवाज दो' अभियान का आगाज

कोसी रेंज में अब अपराधियों और नशे के सौदागरों की खैर नहीं, डीआईजी ने फूंका सुरक्षा का बिगुल

DIG कोसी ने फूंका सुरक्षा का बिगुल:सहरसा में क्राइम मीटिंग के साथ 'नशा मुक्ति' और 'आवाज दो' अभियान- फोटो : news 4 nation

कोसी रेंज के डीआईजी डॉ कुमार आशीष ने सहरसा में एक उच्च स्तरीय क्राइम मीटिंग के साथ 'नशा मुक्ति अभियान' और 'आवाज दो' कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस बैठक में रेंज के सहरसा पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ क्षेत्र की वर्तमान कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना भी है।

नशा मुक्ति अभियान के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति

बैठक के दौरान डीआईजी ने नशा मुक्ति अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में बढ़ते अपराध के मूल कारणों पर प्रहार करना है, जिससे एक स्वस्थ सामाजिक वातावरण का निर्माण हो सके।

'आवाज दोप्रोग्राम: महिला सुरक्षा को नई धार

महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए डीआईजी ने 'आवाज दो' प्रोग्राम का आगाज किया। इस पहल के तहत महिलाओं को हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डीआईजी ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर जाकर महिलाओं से संवाद करें और उन्हें सुरक्षा संबंधी सरकारी हेल्पलाइन व कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करें ताकि वे समाज में निर्भय होकर रह सकें।

पुलिस-जनता संवाद और बेहतर समन्वय पर जोर

मीटिंग के समापन पर डीआईजी ने अधिकारियों को 'कम्युनिटी पुलिसिंग' को मजबूत करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति और महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर सफलता तभी मिल सकती है जब पुलिस और जनता के बीच गहरा समन्वय हो। इसके लिए थाना स्तर पर नियमित बैठकें करने और सूचना तंत्र को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए ताकि कोसी क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाया जा सके।