समय से पहले स्कूल में छुट्टी कर छात्रों को भेजा घर, फिर आराम से सोते हुए मोबाइल चलाते दिखे गुरुजी, वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के अनुसार, विद्यालय के शिक्षक अब्दुल गफ्फार बच्चों को समय से पहले छुट्टी देकर स्कूल में ही चटाई बिछाकर आराम फरमाते और मोबाइल देखते पाए गए। इस मामले ने विद्यालय प्रशासन की भारी लापरवाही को उजागर किया है
Saharsa - जिले के नौहट्टा प्रखंड स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय, महुआ में शिक्षा के मंदिर को शिक्षकों ने आरामगाह बना दिया है। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें स्कूल समय के दौरान ही बच्चों को घर भेजकर शिक्षक स्कूल परिसर में सोते और मोबाइल चलाते नजर आए।
चटाई बिछाकर नींद का आनंद लेते दिखे शिक्षक
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विद्यालय के शिक्षक अब्दुल गफ्फार बच्चों को समय से पहले छुट्टी देने के बाद जमीन पर चटाई बिछाकर मोबाइल देख रहे थे और नींद का आनंद ले रहे थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हेडमास्टर की मिलीभगत से स्कूल में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे ही बच्चों को छुट्टी दे दी जाती है, जबकि सरकारी नियमानुसार स्कूल को शाम तक संचालित होना चाहिए।
6 में से केवल 2 शिक्षक ही मिले उपस्थित
विद्यालय में कुल 6 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन औचक निरीक्षण या वायरल वीडियो के समय केवल 2 शिक्षक ही मौके पर मौजूद थे। इस मामले में जब हेडमास्टर रहमत जहाँ से सवाल किया गया, तो उन्होंने चौकाने वाला जवाब दिया। हेडमास्टर के अनुसार, तीन शिक्षक—शबनम कुमारी, संजू मैडम और हयात अली—यह तर्क देकर समय से पहले चले जाते हैं कि उन्हें घर पहुंचने में देर हो जाती है।
मर्ज स्कूल की स्थिति और भी बदतर
इसी परिसर में 'नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, शाहपुर चाही' भी मर्ज है। वायरल वीडियो के अनुसार, इस स्कूल की स्थिति और भी गंभीर मिली। यहाँ न तो कोई बच्चा मौजूद था और न ही हेडमास्टर या अन्य कोई शिक्षक। पूरा स्कूल परिसर खाली पड़ा था, जो शिक्षा विभाग के दावों की पोल खोलता है।
भौगोलिक स्थिति का फायदा उठा रहे शिक्षक
महुआ का यह विद्यालय चारों तरफ खेतों से घिरा हुआ है और 'आउट एरिया' में स्थित है। अधिकारियों की पहुंच से दूर होने के कारण शिक्षक यहाँ अपनी मनमानी करते हैं। निरीक्षण के अभाव में शिक्षकों की इस लापरवाही का सीधा असर गरीब बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है।
पदाधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार
विद्यालय के सुनसान इलाके में होने के कारण यहाँ कभी कोई बड़ा अधिकारी जांच के लिए नहीं पहुंचता। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांग की है कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों और हेडमास्टर पर सख्त कार्रवाई की जाए, जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
रिपोर्ट - छोटू सरकार