Bihar News: नदी बनी मौत का दरिया, नहाने उतरा युवक डूबा, घंटों तलाश के बाद उतराता मिला शव
Bihar News: बोहटा नदी में डूबे 17 वर्षीय किशोर रितेश कुमार सिंह उर्फ धन्नू का शव मंगलवार देर रात बरामद कर लिया गया।...
Bihar News: सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र के नचाप गांव में बोहटा नदी में डूबे 17 वर्षीय किशोर रितेश कुमार सिंह उर्फ धन्नू का शव मंगलवार देर रात बरामद कर लिया गया। दो दिनों तक चले इस हादसे के बाद जब नदी की लहरों में किशोर का शव उतराता दिखा तो परिजनों की आंखों के सामने मानो दुनिया ही उजड़ गई। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव का माहौल गमगीन हो उठा।
जानकारी के अनुसार नचाप गांव निवासी शैलेश कुमार सिंह का 17 वर्षीय पुत्र रितेश कुमार सिंह उर्फ धन्नू सोमवार को अपने दोस्तों के साथ रामजानकी मंदिर के समीप स्थित छठ घाट पर नहाने गया था। बताया गया कि नहाने के दौरान वह अचानक नदी के गहरे पानी में चला गया। इससे पहले कि साथी कुछ समझ पाते, रितेश पानी में समा गया। दोस्तों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और गोताखोर नदी में उतर गए। काफी देर तक नदी की खाक छानी गई, लेकिन किशोर का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने नदी में कई घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। गोताखोरों और एसडीआरएफ जवानों ने संभावित स्थानों पर तलाशी ली, लेकिन दिनभर की मशक्कत के बावजूद रितेश का पता नहीं चल सका।
देर शाम एसडीआरएफ की टीम अभियान समाप्त कर वापस लौट गई। लेकिन करीब दो घंटे बाद नदी ने खुद ही उस दर्दनाक हादसे का राज खोल दिया। परिजनों की नजर पानी में उतराते एक शव पर पड़ी। आनन-फानन में लोग नदी की ओर दौड़े और शव को बाहर निकाला गया। शव रामजानकी मंदिर के घाट के सामने से करीब 20 मीटर दक्षिण दिशा में मिला।शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। मांझी थाना पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में शव को नदी से बाहर निकाला गया और आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया।
रितेश के पिता शैलेश कुमार सिंह विदेश में नौकरी करते हैं। बेटे की मौत की खबर ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया है। एक तरफ जवान बेटे के खोने का गम, दूसरी तरफ अंतिम संस्कार की तैयारी—परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी शोक की लहर है।यह हादसा एक बार फिर नदी में नहाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी को लेकर सवाल खड़े करता है। गहरे पानी की एक लहर ने परिवार के चिराग को बुझा दिया और पीछे छोड़ गईं ऐसी यादें, जिनका दर्द शायद कभी कम नहीं होगा।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी