सारण में 8 साल की मोहब्बत का खत्म हुआ इम्तिहान, कानून के पहरे में प्रेमी जोड़ा बना हमसफर, क्या क्या न सहे हमने सनम आपके प्यार की खातीर....
Bihar love story: वर्षों की मोहब्बत ने आखिरकार अपने मुकाम को हासिल कर लिया। परिवार की नाराजगी की दीवार गिरी, सामाजिक दूरी खत्म हुई और दो दिलों को एक साथ जिंदगी की नई राह मिल गई।...
Bihar love story:सारण जिले से मोहब्बत, जिद और पारिवारिक रजामंदी की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां 8 वर्षों से एक-दूसरे को चाहने वाले प्रेमी जोड़े की मोहब्बत को आखिरकार परिवार की मंजूरी मिल गई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस रिश्ते को लेकर कभी दोनों परिवार आमने-सामने खड़े हो गए थे, उसी रिश्ते की शादी में पुलिस और पंचायत के लोग गवाह ही नहीं, बल्कि बराती-घराती की भूमिका में भी नजर आए। मामला पानापुर और बनियापुर प्रखंड से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, बनियापुर प्रखंड के देवलखा भिट्ठी गांव की 23 वर्षीय युवती और पानापुर प्रखंड के मेंथौरा गांव के 26 वर्षीय युवक के बीच करीब आठ-नौ वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच मोहब्बत का रिश्ता इतना गहरा था कि उन्होंने हर हाल में एक-दूसरे के साथ जिंदगी गुजारने का फैसला कर लिया था। लेकिन परिवार की रजामंदी नहीं मिलने के कारण यह रिश्ता लंबे समय तक मुश्किलों में घिरा रहा।
गुरुवार को कहानी ने उस वक्त नया मोड़ लिया, जब युवती अचानक अपने प्रेमी के घर मेंथौरा पहुंच गई। इसकी खबर जब उसके परिजनों को मिली तो वे भी वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद माहौल गरमा गया और विवाद की नौबत पैदा हो गई। गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और युवक-युवती से भी बातचीत की। दोनों बालिग थे और अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं थे। उनका साफ कहना था कि वे एक-दूसरे के साथ ही जिंदगी बिताना चाहते हैं।
मामला बिगड़ने के बजाय सुलझे, इसके लिए पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों ने मध्यस्थता की राह अपनाई। दोनों परिवारों को थाने बुलाकर बातचीत कराई गई। काफी समझाइश के बाद आखिरकार परिजनों का दिल पिघला और वर्षों पुरानी मोहब्बत को सामाजिक स्वीकार्यता मिल गई। परिवार की रजामंदी मिलते ही शादी की तैयारी शुरू हुई। पानापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध ठाकुरबाड़ी मंदिर में शुक्रवार रात विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रेमी जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।
इस शादी का सबसे अनोखा पहलू यह रहा कि पुलिसकर्मी और पंचायत प्रतिनिधि पूरे घटनाक्रम के प्रत्यक्ष गवाह बने। जिन्होंने कुछ घंटे पहले दोनों पक्षों के बीच तनाव को शांत कराया था, वही लोग बाद में नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते नजर आए। मंदिर परिसर में माहौल भी पूरी तरह बदल चुका था जहां पहले विवाद और टकराव की आशंका थी, वहीं बाद में खुशी और मिलन की तस्वीर दिखाई दी।यह घटना इस बात की मिसाल बन गई कि पारिवारिक विवादों में अगर कानून व्यवस्था के साथ-साथ पंचायत और समाज के जिम्मेदार लोग सकारात्मक सोच के साथ मध्यस्थता करें, तो टकराव की स्थिति को भी आपसी सहमति में बदला जा सकता है।
सारण की यह प्रेम कहानी अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि वर्षों की मोहब्बत ने आखिरकार अपने मुकाम को हासिल कर लिया। परिवार की नाराजगी की दीवार गिरी, सामाजिक दूरी खत्म हुई और दो दिलों को एक साथ जिंदगी की नई राह मिल गई। आखिरकार मोहब्बत की जीत हुई और जिस रिश्ते पर कभी सवाल उठ रहे थे, उसी रिश्ते को परिवार, पंचायत और पुलिस की मौजूदगी में सामाजिक मंजूरी मिल गई।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र