National Teacher Award 2026:गुरु सम्मान की रेस में बिहार के 6 टीचर, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन तेज, 12 अगस्त को दिल्ली के सामने होगा इम्तिहान

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 की चयन प्रक्रिया अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गई है। राज्य स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा के बाद बिहार के 6 उत्कृष्ट शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया के अगले पड़ाव के लिए चुना गया है।

गुरु सम्मान की रेस में बिहार के 6 टीचर,- फोटो : reporter

National Teacher Award 2026: बिहार के शिक्षा जगत के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 की चयन प्रक्रिया अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गई है। राज्य स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा के बाद बिहार के 6 उत्कृष्ट शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया के अगले पड़ाव के लिए चुना गया है। अब इन शिक्षकों को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय चयन समिति के सामने ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण देकर अपने काम का दम दिखाना होगा।

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी पत्र के मुताबिक सभी चयनित शिक्षकों की 11 अगस्त को पटना स्थित शिक्षा विभाग के मुख्यालय में उपस्थिति अनिवार्य की गई है। उन्हें अपने ऑनलाइन आवेदन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी साथ लानी होगी। विभाग का मकसद अंतिम प्रस्तुतीकरण से पहले दस्तावेजों की पड़ताल और शिक्षकों की तैयारी पूरी कराना है।

राज्य स्तर पर अनुशंसित शिक्षकों में पुष्पा प्रसाद, शिक्षिका, कन्या मध्य विद्यालय कुचायकोट, गोपालगंज; अभिषेक, प्रभारी प्रधान शिक्षक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय दिघौत, जमुई; विप्लव कुमार, शिक्षक, मध्य विद्यालय अरिहाना, आजमनगर, कटिहार; प्रमिला कुमारी, प्रभारी प्राचार्या, +2 एस.एन. लाल उच्च विद्यालय, अखगांव, संदेश, भोजपुर; खुशबू कुमारी, प्रधान शिक्षिका, उर्दू प्राथमिक विद्यालय बिदयडीह, बांका और राजकुमार प्रसाद गुप्ता, प्रधानाध्यापक, राजकीय मध्य विद्यालय सलैया, मदनपुर, औरंगाबाद शामिल हैं।

अब असली इम्तिहान 12 अगस्त 2026 को होगा। भारत सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय चयन समिति के सामने प्रस्तुतीकरण होगा।

इस दौरान शिक्षकों को अपनी शिक्षण शैली, नवाचार, विद्यालय में किए गए बदलाव और विद्यार्थियों के विकास के लिए किए गए कार्यों का ब्यौरा रखना होगा। यानी अब राज्य स्तर की बाजी जीत चुके इन छह शिक्षकों के सामने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों का दम दिखाने की चुनौती है।शिक्षा विभाग ने सभी अनुशंसित शिक्षकों की मौजूदगी को अनिवार्य किया है। अब नजर इस बात पर है कि बिहार के इन छह शिक्षकों में से कौन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की अंतिम सूची में अपनी जगह बनाकर राज्य का मान बढ़ाता है।

रिपोर्ट- धर्मेंद्र