Bihar Politics: जीत के 4 दिन बाद CM सम्राट से मिले राहुल राज, BJP कार्यालय में हुआ स्वागत, बिहार की सियासत में बढ़ी हलचल
Bihar Politics: बिहार विधान परिषद की सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने वाले डॉ. राहुल राज इन दिनों प्रदेश की सियासत में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। ...
Bihar Politics: बिहार विधान परिषद की सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने वाले डॉ. राहुल राज इन दिनों प्रदेश की सियासत में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी आनंद पुष्कर को हराकर विधान पार्षद बने राहुल राज ने चुनाव परिणाम के महज चार दिनों के भीतर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों, सेवा संबंधी समस्याओं और अधिकारों का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उनका भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचना और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा स्वागत किया जाना राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है।
CM सम्राट चौधरी से मुलाकात, शिक्षकों के मुद्दे उठाए
शनिवार को राहुल राज ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी का मार्गदर्शन भी उन्हें मिला। मुलाकात के दौरान राहुल राज ने शिक्षक समुदाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा।उन्होंने शिक्षकों के लंबित वेतनमान, सेवा संबंधी परेशानियों, अधिकारों और सुविधाओं से जुड़े मामलों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। साथ ही शिक्षकों की जायज मांगों के समाधान के लिए ठोस पहल करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। अब शिक्षक समुदाय की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।
जदयू प्रत्याशी को हराकर बने थे MLC
गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को हुई मतगणना में डॉ. राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उन्होंने एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी आनंद पुष्कर को पराजित किया था।राहुल राज पहले भाजपा से जुड़े रहे थे। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। चुनाव में मिली जीत ने एनडीए के चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया और भाजपा-जदयू खेमे में भी इस परिणाम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।खास बात यह रही कि जिस सीट पर एनडीए ने जदयू प्रत्याशी को समर्थन दिया था, वहां निर्दलीय उम्मीदवार ने बाजी मार ली। ऐसे में राहुल राज की जीत को बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से अहम माना गया।
BJP प्रदेश कार्यालय में संजय सरावगी ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राहुल राज भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार भाजपा प्रभारी हरीश द्विवेदी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उनका स्वागत किया।इस दौरान तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी भी मौजूद रहे। दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों की भाजपा नेताओं के साथ बढ़ती नजदीकी ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल करने के बाद राहुल राज की सत्तारूढ़ दल के नेताओं के साथ सक्रियता को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिक्षकों की मांगों पर राहुल राज की होगी असली परीक्षा
राहुल राज के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती शिक्षक समुदाय की उम्मीदों पर खरा उतरने की है। सातवें वेतनमान की मांग, सेवा संबंधी समस्याएं और अन्य लंबित मुद्दे लंबे समय से शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय रहे हैं।शिक्षकों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर विधान परिषद भेजा है। ऐसे में उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे सदन के भीतर और सरकार के सामने शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।राहुल राज ने भी भरोसा दिलाया है कि शिक्षकों के अधिकारों और सुविधाओं से जुड़े मामलों को लगातार सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
निर्दलीय जीत के बाद सत्ता पक्ष से बढ़ी नजदीकी पर चर्चा
चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज करने और इसके कुछ ही दिनों बाद मुख्यमंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात ने राहुल राज की राजनीतिक भूमिका को चर्चा में ला दिया है।हालांकि, उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती चुनाव के दौरान शिक्षकों से किए गए वादों को पूरा कराने की होगी। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद शिक्षकों की लंबित मांगों पर सरकार कितनी तेजी से निर्णय लेती है और राहुल राज अपने जनादेश को किस तरह निभाते हैं।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी