सारण के अमनौर में स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारी: दुकान बंद कर लौट रहे भाजपा नेता के भाई पर हमला, हालत गंभीर
सारण (अमनौर): दुकान बंद कर घर लौट रहे स्वर्ण व्यवसायी बजरंग प्रसाद को अपराधियों ने मारी गोली। गंभीर हालत में पटना रेफर। परिजनों का आरोप- जेल से छूटकर आए आरोपियों ने दी थी धमकी, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई।
सारण (छपरा) जिले के अमनौर थाना क्षेत्र में अपराधियों का बेखौफ चेहरा सामने आया है। गुरुवार की देर शाम रसूलपुर बाजार के पास अपग्रेड हाई स्कूल के समीप पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने एक स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। पीड़ित व्यवसायी की पहचान हुस्सेपुर गांव निवासी और भाजपा नेता जितेंद्र कुमार सोनी के छोटे भाई 32 वर्षीय बजरंग कुमार प्रसाद (पिता- सुरेंद्र प्रसाद साह) के रूप में हुई है। घटना के वक्त वह रसूलपुर बाजार स्थित अपनी सोना-चांदी व बर्तन की दुकान बंद कर भतीजे के साथ बाइक से घर लौट रहे थे, तभी अचानक यह हमला हुआ।
आनन-फानन में PHC से पटना किया गया रेफर
गोली चलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़े। मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने व्यवसायी को खून से लथपथ हालत में पाया। अपराधियों के भाग निकलने के बाद आनन-फानन में घायल बजरंग कुमार को इलाज के लिए स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तुरंत पटना रेफर कर दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल व्याप्त है।
पुरानी रंजिश और जेल से छूटते ही मिली थी जान से मारने की धमकी
घटना के संबंध में घायल के भाई व भाजपा नेता जितेंद्र कुमार सोनी ने बताया कि पूर्व में पड़ोस के ही कुछ लोगों से विवाद हुआ था, जिन्होंने धारदार हथियार से हमला किया था। उस मामले में अमनौर थाना में कांड संख्या 361/25 दर्ज कराई गई थी और पुलिस ने आरोपियों को जेल भी भेजा था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जेल से छूटते ही आरोपियों ने फिर से धमकी देनी शुरू कर दी थी कि "जेल से बाहर आ गए हैं, अब किसी को जिंदा नहीं छोड़ेंगे।" परिजनों ने इस बाबत 8 फरवरी को पुलिस को सनहा (एनसीआर/शिकायत) भी दिया था।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, धरपकड़ में जुटी टीम
घटना के बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस की ढिलाई पर कड़ा आक्रोश जताया है। परिजनों का कहना है कि अगर सनहा दर्ज कराने के बाद पुलिस ने समय रहते आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की होती, तो आज यह वारदात नहीं होती। फिलहाल घटना की सूचना मिलते ही अमनौर थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश के बिंदु को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट