सारण: खेत में धान की रोपनी के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, पिता की मौत, पुत्र गंभीर रूप से झुलसा

छपरा के कोपा नगर पंचायत में धान की रोपनी के दौरान अचानक गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 43 वर्षीय ओम प्रकाश मांझी की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि उनका 14 साल का बेटा गंभीर रूप से झुलस गया।मृतक पीछे पत्नी और 4 बच्चों का रोता-बिलखता परिवार छोड गए है

खेत में धान की रोपनी के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, पिता की मौत, पुत्र गंभीर रूप से झुलसा- फोटो : Reporter

सारण जिले के कोपा नगर पंचायत क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। रविवार की दोपहर तेज बारिश के दौरान स्टेशन रोड स्थित एक खेत में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका नाबालिग पुत्र गंभीर रूप से झुलस गया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और शोक की लहर दौड़ गई है।


खेत में धान की रोपनी के दौरान अचानक हुआ वज्रपात

मृतक की पहचान कोपा नगर पंचायत के वार्ड संख्या-1 निवासी विक्रमा मांझी के 43 वर्षीय पुत्र ओम प्रकाश मांझी के रूप में हुई है, जो पेशे से पेंटर थे। परिजनों के मुताबिक, रविवार दोपहर को ओम प्रकाश अपने 14 वर्षीय पुत्र यश कुमार के साथ धान की रोपनी के लिए खेत में बिचड़ा लेकर गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। दोनों जब तक संभल पाते, तब तक आकाशीय बिजली सीधे उन पर आ गिरी।


अस्पताल में भर्ती कराया गया घायल पुत्र, परिवार में मचा कोहराम

वज्रपात की इस भयानक चपेट में आने से ओम प्रकाश मांझी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, उनका बेटा यश कुमार इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया, जहाँ से बेहतर इलाज के लिए उसे अस्पताल रेफर कर दिया गया है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के घर में चीख-पुकार मच गई।


अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए ओम प्रकाश, सांत्वना देने पहुंचे ग्रामीण

ओम प्रकाश मांझी अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। वे अपने पीछे पत्नी उमरावती देवी, तीन बेटे, एक बेटी और वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए हैं। इस अचानक आई आपदा से मृतक की पत्नी और वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में सांत्वना दी।


आपदा राहत मुआवजे की मांग और जागरूकता की अपील

इस दुखद घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत योजना के तहत जल्द से जल्द सरकारी मुआवजा राशि देने की मांग की है। सरकार हर साल मानसून से पहले वज्रपात को लेकर जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी इसकी कमी दिखती है। खराब मौसम के दौरान खेतों और खुले स्थानों पर जाने से बचकर ही ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।

सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट