न भादो देखा न मुहूर्त... ननिहाल में हुआ प्यार तो खानपुर दुर्गा मंदिर में भर दी मांग

सारण जिले के दरियापुर प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर इन दिनों एक अनोखे विवाह को लेकर चर्चा में है।प्यार में पड़े एक प्रेमी युगल ने न तो भादो महीने की पारंपरिक मान्यताओं की परवाह की और न ही विवाह के लिए किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार किया।

न भादो की परवाह, न मुहूर्त का इंतजार: खानपुर दुर्गा मंदिर में प्रेमी युगल ने रचाई शादी- फोटो : Reporter

सारण जिले के दरियापुर प्रखंड अंतर्गत डेरनी थाना क्षेत्र स्थित खानपुर बाजार का प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर इन दिनों एक अनोखे विवाह को लेकर चर्चा में है। प्यार में पड़े एक प्रेमी युगल ने न तो भादो महीने की पारंपरिक मान्यताओं की परवाह की और न ही विवाह के लिए किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार किया। दोनों ने अपनी रजामंदी से मंदिर परिसर में एक-दूसरे को जीवनसाथी चुन लिया।


ननिहाल आने-जाने के दौरान शुरू हुआ दो सालों का प्रेम प्रसंग

यह अनोखी प्रेम कहानी डेरनी थाना क्षेत्र के खजौता गांव से जुड़ी है, जहां के निवासी रणजीत शर्मा के पुत्र बादल कुमार का अक्सर अपने ननिहाल (मढ़ौरा थाना क्षेत्र) आना-जाना होता था। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक स्थानीय युवती से हुई। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदली और फिर दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया, जो पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा था।

घर से फरार होने के बाद परिजनों ने सामाजिक स्तर पर किया फैसला

समय के साथ रिश्ता गहरा होने पर दोनों ने साथ जीने-मरने का फैसला किया और लगभग 20 दिन पहले अचानक अपने-अपने घर से गायब हो गए। इस कदम से दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद दोनों को सुरक्षित ढूंढ निकाला और समझाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रेमी युगल अपने फैसले पर अडिग रहा, जिसके बाद परिजनों ने उनकी जिद और आपसी प्रेम को देखते हुए शादी कराने का निर्णय लिया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में संपन्न हुई विवाह की रस्में

रिश्ते को मंजूरी मिलने के बाद दिघवारा-भेल्दी मुख्य मार्ग पर स्थित खानपुर बाजार दुर्गा मंदिर में विवाह का आयोजन किया गया। दोनों पक्षों के रिश्तेदारों और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शादी कराई। बादल कुमार ने युवती की मांग में सिंदूर भरकर उसे पत्नी के रूप में स्वीकार किया और परिजनों ने नवदंपती को सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया।

रोजी-रोटी की तलाश में नए जीवन की शुरुआत करने दूसरे प्रदेश रवाना

करीब दो साल तक चले प्रेम प्रसंग, अचानक घर छोड़ने के घटनाक्रम और फिर पारिवारिक सहमति तक पहुंचे इस रिश्ते को अंततः सामाजिक स्वीकृति मिल गई। विवाह संपन्न होने के तुरंत बाद नवविवाहित जोड़ा अपने नए जीवन की शुरुआत करने और रोजी-रोटी कमाने के सिलसिले में दूसरे प्रदेश के लिए रवाना हो गया। इस तरह इस प्रेम कहानी का सुखद अंत हुआ।

सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट