Saran NIA Raid:AK-47,विदेशी फंडिंग और हथियार तस्करी में परसा में एनआईए का छापा, पार्षद पुत्र हिरासत में
सारण जिले के परसा नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के घर NIA ने 4 घंटे तक छापेमारी की। अंतर्राष्ट्रीय हथियार तस्करी और AK-47 नेटवर्क से जुड़ाव की आशंका में पार्षद पुत्र मो. करमुल्लाह अंसारी को हिरासत में लेकर पटना रवाना हुई टीम।
सारण जिले के परसा नगर पंचायत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिल्ली और पटना से आई एनआईए की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल के साथ परसा नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर अचानक धावा बोला। सादे लिबास में पहुंची इस केंद्रीय एजेंसी की टीम ने लगभग चार घंटे तक घर के अंदर गहन तलाशी ली। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और घर के सभी रास्तों को सील कर दिया गया था।
चार घंटे की गहन पूछताछ और वार्ड पार्षद हिरासत में
छापेमारी के दौरान एनआईए की टीम ने परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ की। लगभग चार घंटे तक चली इस मैराथन जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीम मुख्य पार्षद के पुत्र सह वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और वे इस संबंध में अनभिज्ञता जता रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय हथियार तस्करी और विदेशी फंडिंग से जुड़ाव की आशंका
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अत्याधुनिक हथियारों, एके-47 के पुर्जों की बरामदगी, विदेशी फंडिंग और संदिग्ध गतिविधियों के सिलसिले में की गई है। चर्चा है कि यह मामला मुजफ्फरपुर में पहले बरामद हुए हथियारों के नेटवर्क और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को भी एनआईए की टीम ने इसी आवास पर 10 से 12 घंटे तक मैराथन छापेमारी कर डिजिटल उपकरणों की जांच की थी।
आरोपी का आपराधिक इतिहास और पुराने मामले
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य पार्षद के पुत्र एवं वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी हथियारों की तस्करी के मामलों में आ चुका है और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है। इसके अलावा, सारण प्रक्षेत्र के तत्कालीन डीआईजी मनु महाराज के कार्यकाल के दौरान भी इसी परिवार के यहां विदेशी नागरिकों को बुलाने, अवैध हथियार रखने और विदेशी मुद्रा के संदिग्ध लेनदेन को लेकर छापेमारी की जा चुकी है।
इलाके में मची सनसनी और राजनीतिक हलकों में हड़कंप
केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही इस तरह की सख्त कार्रवाई से परसा इलाके में जबरदस्त सनसनी फैल गई है। स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधि से जुड़े तार और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क की आशंकाओं के कारण न सिर्फ आम जनता के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र के राजनीतिक हलकों में भी हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।
सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट