Raksha Bandhan: राखी बांधने वाली बहन की चिता को भाई ने दी मुखाग्नि, रक्षाबंधन के दिन उजड़ गया घर
Raksha Bandhan: रक्षाबंधन से ठीक पहले एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव की फिजा को गमगीन कर दिया। सबसे कलेजा चीर देने वाला मंजर तब सामने आया, जब राखी बंधवाने वाले भाई को अपनी बहन की चिता को मुखाग्नि देनी पड़ी।..
Raksha Bandhan: सारण जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र के बंगरा विशेन टोला में रक्षाबंधन से ठीक पहले एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव की फिजा को गमगीन कर दिया। जिस घर में राखी के पावन पर्व की तैयारियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा है। दरोगा सिंह की महज 22 वर्षीय बेटी अंजली कुमारी की सर्पदंश के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। सबसे कलेजा चीर देने वाला मंजर तब सामने आया, जब राखी बंधवाने वाले भाई को अपनी बहन की चिता को मुखाग्नि देनी पड़ी।बताया गया कि गुरुवार की देर रात अंजली अपने घर में सोई हुई थी। इसी दौरान किसी विषैले सांप ने उसे डंस लिया। नींद में हुई इस अनहोनी का परिवार को तत्काल पता नहीं चल सका। कुछ ही देर बाद अंजली की तबीयत बिगड़ने लगी और वह अचेत हो गई। घरवालों को जब इस हादसे की खबर हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।
परिजन बिना वक्त गंवाए अंजली को लेकर छपरा सदर अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने उसकी जान बचाने की भरसक कोशिश की, मगर कहते हैं न कि कुछ हादसे इंसान की तमाम कोशिशों पर भारी पड़ जाते हैं। जहर तेजी से उसके शरीर में फैल चुका था। इलाज के दौरान ही अंजली ने दम तोड़ दिया।अंजली की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरा माहौल सिसकियों में बदल गया। जिस घर में रक्षाबंधन को लेकर खुशियां होनी थीं, वहां चीख-पुकार मच गई। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। गांव की गलियों में भी खामोशी और मातम का साया पसरा हुआ है।
सबसे ज्यादा दर्दनाक तस्वीर अंजली की अंतिम विदाई के वक्त दिखाई दी। तीन भाइयों की कलाई पर राखी बांधने वाली बहन अब दुनिया में नहीं थी। जिन हाथों में राखी की डोर सजनी थी, उन्हीं भाइयों को बहन की अर्थी उठानी पड़ी। एक भाई दीपक कुमार सिंह ने नम आंखों और भर्राए गले से अपनी बहन को मुखाग्नि दी।जिस भाई ने शायद सोचा होगा कि रक्षाबंधन पर बहन उसकी कलाई पर प्यार और दुआओं से सजी राखी बांधेगी, उसे उसी बहन को पंचतत्व में विलीन करना पड़ा। यह मंजर देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी छलक उठीं।
रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, भरोसे और सुरक्षा का पर्व है। लेकिन बंगरा विशेन टोला में इस बार यही पर्व खुशियों की जगह गहरे गम, दर्द और बेबसी की याद बन गया। अंजली की असमय मौत ने परिवार से उसकी बेटी और भाइयों से उनकी प्यारी बहन छीन ली। स्थानीय लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए इस मुश्किल घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र अवस्थी