5 कद्दू जप्त कर क्या अतिक्रमण मुक्त होगा शहर? नगर निगम कार्यालय में घंटो गिड़गिड़ाती रही बुजुर्ग महिला, नहीं पसीजा प्रशासन

सासाराम में अतिक्रमण हटाने के नाम पर बुजुर्ग महिला बसंती देवी के 5 कद्दू जप्त। SDM नेहा कुमारी के आदेश पर हुई इस कार्रवाई ने खड़े किए सवाल। घंटों गिड़गिड़ाने के बाद भी नहीं मिली राहत।

Sasaram - सासाराम की सड़कों पर इन दिनों अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सासाराम की एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी जब नगर निगम से आधिकारिक कार्य निपटाकर निकल रही थीं, तो उनकी नजर पुरानी जीटी रोड के किनारे टोकरी में सब्जी बेच रही एक बुजुर्ग महिला बसंती देवी पर पड़ी। एसडीएम के आदेश पर नगर निगम के कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला की टोकरी में रखे मात्र पांच लौकी (कद्दू) को जप्त कर लिया और उसे नगर निगम कार्यालय ले आए।

पांच कद्दू के लिए घंटों मशक्कत करती रही बसंती देवी

अपनी पूंजी और आजीविका छिन जाने के बाद बुजुर्ग महिला बसंती देवी नगर निगम के कार्यालय पहुँच गईं। वे अपने जप्त किए गए पांचों कद्दू वापस पाने के लिए घंटों तक अधिकारियों के सामने मशक्कत करती रहीं और विनती करती रहीं। हैरान करने वाली बात यह है कि घंटों के इंतजार और मान-मनौव्वल के बाद भी प्रशासन का दिल नहीं पसीजा और अंततः उन्हें खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा।

बड़े प्रतिष्ठानों पर चुप्पी, गरीब पर प्रहार

प्रशासन की इस कार्रवाई ने शहर में एक नई बहस छेड़ दी है। सासाराम के स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शहर में बड़े-बड़े शोरूम और रसूखदार प्रतिष्ठानों ने मुख्य सड़कों पर भारी अतिक्रमण कर रखा है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। लेकिन प्रशासन उन रसूखदारों पर हाथ डालने के बजाय सड़क किनारे टोकरी में सब्जी बेचने वाली एक बुजुर्ग महिला पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है।

चर्चा का विषय बनी 'सख्त' कार्रवाई

सोशल मीडिया और स्थानीय हलकों में इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या मात्र पांच कद्दू जप्त करने से शहर अतिक्रमण मुक्त हो जाएगा? जिस तरह से एक टोकरी सब्जी के साथ बैठी महिला के खिलाफ इतनी तत्परता दिखाई गई, वैसी सख्ती शहर के मुख्य बाजारों में काबिज बड़े अतिक्रमणकारियों पर क्यों नहीं दिखती।

रिपोर्ट - रंजन कुमार