भोजपुर में आकाशीय बिजली का कहर : ठनका की चपेट में आने से 6 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे, 4 की हालत गंभीर

भोजपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 6 मजदूर झुलस गए है, जिनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है..

भोजपुर में आकाशीय बिजली का कहर : ठनका की चपेट में आने से 6 म
भोजपुर में आकाशीय बिजली का कहर - फोटो : आशीष श्रीवास्तव

Arrah  : भोजपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां संदेश थाना क्षेत्र अंतर्गत रेपुरा गांव में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां रेपुरा 15 नंबर बालू घाट के समीप एक बगीचे में बैठे छह मजदूर आकाशीय बिजली की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और आस-पास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर दौड़े।


सभी घायल मजदूर एक ही गांव के निवासी, नाम आए सामने

वज्रपात की इस दर्दनाक घटना में घायल हुए सभी मजदूर स्थानीय रेपुरा ग्राम के ही निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों की पहचान अमित चौधरी (पिता- बिंदा चौधरी), हरेंद्र चौधरी (पिता- राजदेव चौधरी), कंचन चौधरी (पिता- स्वर्गीय विधु चौधरी), राम विनय चौधरी (पिता- स्वर्गीय केदार चौधरी), साहब चौधरी (पिता- द्वारिका चौधरी) और अमलेश चौधरी (पिता- देवनंदन चौधरी) के रूप में की गई है। सभी मजदूर रोज की तरह काम के सिलसिले में वहां मौजूद थे।


स्थानीय ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल, प्राथमिक उपचार के बाद आरा रेफर

घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और सभी लहूलुहान व अचेत मजदूरों को इलाज के लिए संदेश रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने घायलों को फौरी तौर पर आपातकालीन प्राथमिक उपचार (ट्रीटमेंट) दिया। हालांकि, मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए तुरंत आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया।


चार मजदूरों की हालत अत्यंत नाजुक, परिजनों में मचा कोहराम

संदेश रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रणधीर कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल में सभी घायलों का प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें एम्बुलेंस के जरिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, वज्रपात की चपेट में आए इन मजदूरों में से चार की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे के बाद घायलों के परिजनों में चीख-पुकार मची है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।


मौसम विभाग की चेतावनी, वज्रपात से सतर्क रहने की अपील

इस हादसे ने एक बार फिर मानसून और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे रहने के खतरों को उजागर कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम, कड़कती धूप के बाद होने वाली अचानक बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट के समय सुरक्षित पक्के मकानों की शरण लें और पेड़ों या खुले बगीचों में जाने से बचें ताकि ऐसे हादसों से सुरक्षित रहा जा सके।


आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट