नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भारी पड़ा विवाद: 51 करोड़ की योजना पर ग्रामीणों ने लगाया 'ताला'

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना 'अल्पसंख्यक छात्रावास सह स्कूल' का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। चेनारी के सरैया में ₹51 करोड़ की लागत से बन रहे इस 560 बेड के प्रोजेक्ट को जमीन विवाद के चलते ग्रामीणों ने रुकवा दिया है।

Sasaram - बिहार के रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सरैया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक महत्वाकांक्षी योजना विवादों के घेरे में आ गई है। यहाँ लगभग 51 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले अल्पसंख्यक छात्रावास सह स्कूल का निर्माण कार्य स्थानीय ग्रामीणों के हस्तक्षेप के कारण रोक दिया गया है। इस रुकावट के चलते पिछले दो दिनों से निर्माण स्थल पर सन्नाटा पसरा है और काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।

हाईस्कूल की जमीन पर हो रहा निर्माण

निर्माण कार्य में बाधा आने का मुख्य कारण जमीन से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के एक समूह का दावा है कि जिस भूमि पर छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है, वह पास ही स्थित एक हाई स्कूल की संपत्ति है। इसी दावे को आधार बनाकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का विरोध किया और इसे रुकवा दिया। विवाद गहराने के कारण मौके पर काम कर रहे सैकड़ों मजदूर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और कीमती मशीनें भी बेकार खड़ी हैं।

सीएम ने की थी घोषणा


गौरतलब है कि इस परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'प्रगति यात्रा' के दौरान की थी। इस योजना के तहत 560 बेड का अत्याधुनिक अल्पसंख्यक छात्रावास और स्कूल बनाया जाना है, जिसमें छात्र और छात्राओं दोनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और भवन निर्माण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में चल रही इस परियोजना का उद्देश्य इलाके के अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं प्रदान करना है।

प्रशासन ने की जमीन आवंटित

संवेदक के मैनेजर अभिषेक कुमार ने बताया कि काम सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन अचानक कुछ लोगों ने जमीन को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण के लिए विधिवत जमीन आवंटित की गई थी, परंतु ग्रामीणों के अड़ंगे के कारण अब समय पर काम पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। निर्माण कार्य रुकने से न केवल सरकारी मशीनरी को नुकसान हो रहा है, बल्कि परियोजना की लागत बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।

फिलहाल, इस विवाद के कारण इलाके में तनाव का माहौल है। इस महत्वाकांक्षी योजना के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित विभागों ने मध्यस्थता कर जमीन विवाद का निपटारा नहीं किया, तो अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना अधूरा रह सकता है। स्थानीय लोग अब जिला प्रशासन की ओर देख रहे हैं ताकि जल्द से जल्द इस गतिरोध को समाप्त किया जा सके।

Report - ranjan kumar