Bihar Education News: फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी, स्कूल से गणित शिक्षक को पुलिस ने उठा लिया, ऐसे खुला राज

Bihar Education News: फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 11 साल से सरकारी शिक्षक की नौकरी कर रहे एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ..

फर्जी गुरुजी- फोटो : social Media

Bihar Education News: फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 11 साल से सरकारी शिक्षक की नौकरी कर रहे एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जमुई पुलिस ने शेखपुरा पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए आरोपी गणित शिक्षक को उसके स्कूल परिसर से ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जमुई पुलिस उसे अपने साथ ले गई है, जहां उसके खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मामला शेखपुरा शहर स्थित रामरायपुर हाईस्कूल का है। यहां गणित शिक्षक के पद पर कार्यरत हरेराम पर आरोप है कि उसने फर्जी बीएड डिग्री के सहारे वर्ष 2015 में दिव्यांग कोटे से सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। नौकरी लगने के बाद से वह लगातार सरकारी सेवा में बना हुआ था।

हाईकोर्ट के आदेश पर हुई निगरानी जांच में खुलासा

शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान हरेराम की डिग्री पर सवाल खड़े हुए। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर चल रही निगरानी जांच में उसकी बीएड डिग्री को फर्जी पाया गया। जांच में सामने आया कि शिक्षक ने जिस बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल की थी, वह प्रमाणपत्र वैध नहीं था।जांच के दौरान हरेराम द्वारा शिक्षा विभाग में जमा कराए गए प्रमाणपत्रों की भी पड़ताल की गई। बताया गया है कि शिक्षक ने नौकरी के समय 752 अंकों वाली बीएड की डिग्री विभाग के समक्ष प्रस्तुत की थी। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर उसकी नियुक्ति हुई थी।

फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद उसके खिलाफ जमुई जिले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। शेखपुरा सदर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कार्रवाई इसी प्रकरण के तहत की गई है।

जमुई में हुई थी शुरुआती पोस्टिंग

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, हरेराम मूल रूप से शेखपुरा जिले के घाटकुसुंभ प्रखंड के भदौस का रहने वाला है। वर्ष 2015 में शिक्षक के रूप में चयन के बाद उसकी शुरुआती पोस्टिंग जमुई जिले में ही हुई थी। बाद में वह शेखपुरा के रामरायपुर हाईस्कूल में गणित शिक्षक के तौर पर कार्यरत था।

अब गिरफ्तारी के बाद जमुई पुलिस उसे अपने साथ ले गई है। पुलिस मामले में दस्तावेजों और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर सकती है। लंबे समय तक फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी करने के आरोप ने शिक्षा विभाग की प्रमाणपत्र सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट