Bihar News : बरबीघा में नींबू विक्रेता हत्याकांड का 15 दिनों में हुआ खुलासा, मोबाइल चोरी के शक में हुई हत्या, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Bihar News : शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर मोहल्ला में हुए चर्चित नींबू विक्रेता हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार 15 दिनों के भीतर सफल खुलासा कर दिया है।

चोरी के शक में हत्या - फोटो : UMESH

SHEKHPURA : जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर मोहल्ला में हुए नींबू विक्रेता हत्याकांड का आखिरकार खुलासा हो गया. पुलिस ने 15 दिनों के भीतर ही मामले का खुलासा करते हुए इस मामले में मुख्य आरोपी सोनू कुमार और तीन नाबालिक सहित कुल चार हत्यारो को गिरफ्तार किया है. रविवार को बरबीघा थाना परिसर में एएसपी डॉक्टर राकेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि मोबाइल चोरी के शक में नींबू विक्रेता सुरेंद्र केवट पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी. गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने हत्या की बात भी स्वीकार कर ली है. उन्होंने बताया कि 7 जुलाई की सुबह बरबीघा रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूरी पर नारायणपुर खंधा के एक खेत में 50 वर्षीय व्यक्ति की नग्न लाश पाई गई थी. लाश मिलने के करीब 8 घंटे बाद उसकी पहचान नालंदा जिला के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तकिया कला मोहल्ला निवासी स्वर्गीय टेकन केवट के पुत्र सुरेंद्र केवट के रूप में किया गया था.मृतक बरबीघा थाना चौक पर अपने और अपने परिवार का आजीविका चलाने के लिए पिछले 20 वर्षों से नींबू बेचने का काम कर रहा था.एएसपी  ने आगे बताया कि जिस दिन सुरेंद्र केवट की हत्या हुई उसी दिन रात्रि 11:00 बजे वह नारायणपुर मोहल्ला निवासी तथा कांड का मुख्य अभियुक्त मुख्य अभियुक्त हरिकिशुन पासवान के उपुत्र सोनू कुमार के घर में घुस गया था. पूछताछ में सोनू कुमार ने बताया कि उसका कुछ दिन पहले घर से मोबाइल चोरी हुआ था. अज्ञात व्यक्ति को घर में घुसा देख उसे लगा कि सुरेंद्र  केवट ने ही उसका मोबाइल चुराया है. शंका के आधार पर ही सोनू कुमार ने अपने तीन अन्य नाबालिक दोस्तों को बुला लिया और सुरेंद्र केवट को पकड़कर खेतों की तरफ ले जाकर पिटाई करने लगे. बेरहमी से पिटाई करने के दौरान ही सुरेंद्र केवट की मौत हो गई थी. घटना को लेकर मृतक के पत्नी के द्वारा अज्ञात के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.

जांच के लिए एसआईटी का किया गया गठन

एएसपी ने बताया कि कांड का त्वरित एवं जल्द उद्वेदन करने के लिए एसपी हिमांशु कुमार के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया था. टीम में एएसपी डॉ राकेश कुमार, ट्रैफिक पुलिस उपाधीक्षक ऋषभ कुमार बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार, अपर थाना अध्यक्ष रिंकू कुमार, पुलिस निरीक्षक ब्रजेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक कौशल आलम एवं सोनम कुमारी के अलावा डीआईयू की टीम को शामिल किया गया.

सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ का दौरान मिली सुराग

सूत्रों के मुताबिक स्पेशल टीम के द्वारा शंका के आधार पर एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को उठाकर पूछताछ किया गया. करीब एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए. जांच के दौरान ही नर्सरी मोहल्ला के पास सर्वप्रथम सोनू कुमार सहित दो नाबालिकों को सुरेंद्र केवट का हाथ बांधकर रेलवे स्टेशन की तरफ ले जाते हुए वीडियो पुलिस के हाथ लग गया. इसी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी शुरू की और मुख्य आरोपी सोनू कुमार को ससुराल से गिरफ्तार कर लिया.

ससुराल में छुपा हुआ था मुख्य आरोपी

जानकारी के मुताबिक घटना को अंजाम देने के बाद से ही मुख्य आरोपी सोनू कुमार अपने ससुराल दरियाचक में छुप कर रहा था. पुलिस ने ससुराल से सोनू कुमार को गिरफ्तार करने के बाद जब कड़ाई से पूछताछ किया तो उसने घटना में शामिल नाबालिक दोस्तों के बारे में भी सब कुछ बता दिया. एएसपी ने बताया कि सुरेंद्र केवट को मौत के घाट उतारने के बाद सभी लोगों ने साक्ष्य को मिटाने के लिए उनका कपड़ा उतार लिया और उसे थोड़ी दूर पर स्थित एक वीरान घर के करकट पर फेंक दिया. पुलिस ने जांच के दौरान मृतक का कपड़ा, घटना के दिन आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े, डंडा आदि जप्त कर लिया है. डॉ राकेश कुमार ने बताया कि मुख्य रूपी सोनू कुमार के ऊपर पहले से भी दो आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए गए हैं.जल्द ही साक्ष्य के आधार पर पुलिस चार्जसीट दाखिल करके आरोपियों को सजा दिलाने का काम करेगी.

उमेश की रिपोर्ट