गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत डीएम को सौंपा गया 8 सूत्री मांग पत्र, गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग

गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत सोमवार को गौ संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं गौ प्रेमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी (डीएम) को 8 सूत्री मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार का ध्यान गौवंश से जुड़े गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए इनके संरक्षण, संवर्धन और कल्याण के लिए त्वरित एवं ठोस कदम उठाने की अपील की है।


केंद्रीय कानून और पृथक गौ सेवा मंत्रालय के गठन पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख रूप से गौ संरक्षण के लिए एक एकीकृत केंद्रीय कानून बनाने और स्वतंत्र 'केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय' के गठन की मांग रखी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि हालांकि संविधान के अनुच्छेद-48 के तहत गौ संरक्षण राज्य का विषय है, लेकिन पूरे देश में एकसमान एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा "केंद्रीय गौवंश संरक्षण अधिनियम" लागू किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही, सभी गौवधशालाओं के लाइसेंस रद्द करने और अवैध कसाई खानों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई।


देशी गौवंश को "राष्ट्रमाता" का दर्जा देने और कड़े दंडात्मक प्रावधानों का आग्रह

मांग पत्र में देशी गौवंश को "राष्ट्रमाता" अथवा "राष्ट्र आराध्या" के रूप में संवैधानिक मान्यता देने की बात कही गई। इसके अलावा, गौ तस्करी एवं गौवध को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध घोषित करते हुए दोषियों के लिए आजीवन कारावास तथा संपत्ति कुर्की जैसे कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने गौ-आधारित अर्थव्यवस्था, पंचगव्य अनुसंधान और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक उत्पादों की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की भी पुरजोर वकालत की।


प्रत्येक पंचायत में नंदीशाला, जिले में गौ अभ्यारण और राजमार्गों पर गौ एम्बुलेंस की मांग

ज्ञापन में प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला, हर जिले में आदर्श गौ अभ्यारण तथा वृहद गौशाला की स्थापना की मांग शामिल है। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्गों पर निश्चित दूरी पर 'गौ एम्बुलेंस' व आधुनिक 'गौ ट्रॉमा सेंटर' की सुविधा उपलब्ध कराने, स्कूली पाठ्यक्रम में गौ-विज्ञान को शामिल करने और चारा सुरक्षा कानून बनाकर गौचर (चरवाही) भूमि के संरक्षण व चारे की कालाबाजारी रोकने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।


बड़ी संख्या में उपस्थित रहे गौ प्रेमी, डीएम से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद

डीएम को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में अभियान के जिला प्रभारी नलिन जायसवाल, संभाग प्रभारी संतोष कुमार सुधांशु, अशोक सम्राट, श्रवण चौधरी, चंद्रशेखर झा, रमन शरण दास, रूबी जायसवाल, मोहन जायसवाल, राधेश्याम साहू, नंदिनी कुमारी, मुन्नी देवी, पिंकी देवी और मंजूषा कुमारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी इन जायज मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सरकारों तक पहुंचाएगा ताकि गौवंश के लिए स्थायी व्यवस्था बन सके।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट