विश्व ओआरएस दिवस पर सदर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 'डायरिया चैंपियनों' को मिला सम्मान

10 'डायरिया चैंपियन' हुईं सम्मानित- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में "डायरिया से डर नहीं" अभियान के अंतर्गत विश्व ओआरएस (ORS) दिवस के अवसर पर बुधवार को सदर अस्पताल के सभागार में भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (PSI India) और केन्व्यू के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (DIO) डॉ. ममता कुमारी ने किया।


दस्त और डिहाइड्रेशन से बचाव में ओआरएस घोल और जिंक की भूमिका पर जोर

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डायरिया की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार में ओआरएस घोल व जिंक की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने आम जनता से स्वच्छता अपनाने और बच्चों में दस्त की शिकायत होते ही तुरंत ओआरएस घोल के साथ जिंक की नियमित खुराक देने की अपील की, ताकि डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) के खतरे को टाला जा सके।


उत्कृष्ट योगदान देने वाले 10 'डायरिया चैंपियनों' को मिला प्रशंसा पत्र

डायरिया नियंत्रण अभियान के दौरान क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले 10 'डायरिया चैंपियनों' को सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से स्वास्थ्यकर्मियों और जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।


स्वास्थ्यकर्मियों व नर्सिंग छात्राओं ने निकाली जागरूकता प्रभातफेरी

समारोह के समापन के उपरांत अस्पताल परिसर से एक जागरूकता प्रभातफेरी निकाली गई। प्रभातफेरी के माध्यम से आम जनमानस को डायरिया से बचाव, इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान और दस्त होने की स्थिति में ओआरएस घोल व जिंक के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।


WHO, JSI और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला समन्वयक प्रबंधक (DCM) अभिषेक कुमार, डीएमएनई शशि भूषण प्रसाद, डब्ल्यूएचओ (WHO) के आरआरटी डॉ. आनंद कुमार, जेएसआई के नीरज कुमार, सदर अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद, पीएसआई इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर प्रदीप कुमार सिन्हा, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या भारती कुमारी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट