सुखपुर के PM श्री +2 स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम : DM सावन कुमार ने छात्रों को दी सीख, बोले- 'डिजिटल युग में सतर्कता ही बचाव है'

सुखपुर के PM श्री +2 स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और नई पीढ़ी को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर प्रखंड स्थित पी.एम. श्री +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुखपुर में एक भव्य साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपौल के जिलाधिकारी (DM) सावन कुमार ने की।


अनजान कॉल और फर्जी लिंक से रहें सावधान: जिलाधिकारी 

विद्यालय सभागार में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और बड़ी संख्या में आए अभिभावकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि इंटरनेट, यूपीआई और सोशल मीडिया ने हमारे दैनिक जीवन को सुलभ तो बनाया है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही वर्षों की मेहनत और जमापूंजी को पल भर में छीन सकती है।


डीएम ने छात्रों को साइबर अपराधियों के हथकंडों से आगाह करते हुए मुख्य बातें बताईं:

  • गोपनीय जानकारी न दें: किसी भी स्थिति में अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी (OTP), बैंक खाता विवरणएटीएम कार्ड नंबरसीवीवी (CVW) या पासवर्ड साझा न करें।
  • बैंक कभी नहीं मांगता गोपनीय डेटा: कोई भी बैंक या सरकारी संस्था फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। यदि कोई बैंक अधिकारी बनकर ऐसी मांग करे, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
  • सोशल मीडिया पर प्राइवेसी: निजी तस्वीरें, व्यक्तिगत दस्तावेज व निजी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा न करें। केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही ऐप्स डाउनलोड करें।
  • हेल्पलाइन 1930 पर करें शिकायत: साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की राशि सुरक्षित वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।


साइबर थाने की टीम ने गिनाए साइबर क्राइम के नए तरीके

कार्यक्रम के दौरान साइबर थाना सुपौल के अधिकारियों ने वर्तमान समय में प्रचलित ठगी के नए तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सरवेश्वर सिंह और पुलिस निरीक्षक शिव शंकर कुमार ने बताया कि:

  • वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest), फर्जी निवेश (Investment) योजनाएं, केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर फ्रॉड, लॉटरी का झांसा, यूपीआई और फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
  • इन सभी अपराधों से बचने का एकमात्र अचूक हथियार 'सजगता और सही जानकारी' है।


छात्रों ने पूछे सवाल, अभिभावकों से बच्चों पर नजर रखने की अपील

जागरूकता क्लास के दौरान स्कूली विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अधिकारियों से साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने संतोषजनक उत्तर दिया। जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें।


कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

इस सफल जागरूकता कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी-सह-बीपीआरओ, सब इंस्पेक्टर महफूज आलम, सब इंस्पेक्टर विशाल कुमार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक विश्वविजय कुमार, शिक्षक प्रणव कुमार सिंह सहित विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट