डीएम के औचक निरीक्षण में खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल: डपरखा मध्य विद्यालय में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

डीएम ने स्कूल का किया औचक निरीक्षण- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिलाधिकारी सावन कुमार ने बुधवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे मध्य विद्यालय डपरखा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, डपरखा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी एवं प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (त्रिवेणीगंज) भी मौजूद रहे। जांच में विद्यालय के 11 में से केवल 7 शिक्षक उपस्थित मिले। शिक्षिका सरिता कुमारी 17 जुलाई 2026 से अनधिकृत रूप से गायब पाई गईं, जबकि दो शिक्षिकाएं विशेष अवकाश पर थीं। अनधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षकों पर डीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


अंधेरे कमरे में पढ़ने को मजबूर बच्चे, आवंटन पर प्रधानाध्यापक नहीं दे सके जवाब

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर और कार्यालय में साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत दयनीय मिली। कई वर्ग कक्षों में रोशनी का कोई उचित प्रबंध नहीं था और बल्ब तक गायब पाए गए, जिसके कारण मासूम बच्चे अंधेरे में बैठकर पढ़ने को विवश थे। इतना ही नहीं, विद्यालय को विभिन्न सरकारी मदों में प्राप्त आवंटन और उसके उपयोग के संबंध में जब पूछताछ की गई, तो प्रधानाध्यापक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।


शैक्षणिक स्तर बेहद चिंताजनक, आठवीं की छात्रा नहीं बता सकी राज्य का नाम

विद्यालय में पठन-पाठन और शैक्षणिक गतिविधियों का स्तर भी बेहद निराशाजनक पाया गया। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने जब आठवीं कक्षा की एक छात्रा से अपने राज्य का नाम पूछा, तो वह इसका सही उत्तर भी नहीं दे सकी। इस घटना ने विद्यालय में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक गतिविधियों की पोल खोलकर रख दी।


मध्याह्न भोजन में बड़ी गड़बड़ी, 194 बच्चों के लिए बना केवल 1.5 किलो चना

एमडीएम (मध्याह्न भोजन) में भी गंभीर घपला सामने आया। उपस्थिति पंजी के अनुसार कुल 194 छात्र (कक्षा 1-5 में 98 और कक्षा 6-8 में 96) उपस्थित दर्ज थे, लेकिन खाना अत्यंत कम मात्रा में पकाया जा रहा था। इतने बच्चों की सब्जी के लिए महज 1.5 किलोग्राम चना इस्तेमाल किया गया था, जो तय मानकों से काफी कम था। इस धांधली को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई के आदेश दिए।


कस्तूरबा बालिका विद्यालय का निरीक्षण, कंप्यूटर शिक्षक प्रतिनियुक्त करने के निर्देश

इसके पश्चात डीएम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का रुख किया, जहाँ रसोई की व्यवस्था संतोषजनक मिली, हालांकि सफाई व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया गया। छात्राओं के तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए डीएम ने प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि निकटतम विद्यालय से कंप्यूटर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर शीघ्र कंप्यूटर कक्षाएं शुरू की जाएं। उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छता और मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट