छपरा में बीडीओ के गंभीर रुप से घायल होने का गरमाया मुद्दा : काली पट्टी बांधकर काम कर रहे अधिकारी, सुरक्षा की मांग

छपरा में ड्यूटी के दौरान बीडीओ के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद पूरे बिहार में प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। विरोध मे अधिकारी काली पट्टी बांधकर काम कर रहे है...

काली पट्टी बांधकर अधिकारी कर रहे काम- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : छपरा नीट पेपर लीक मामले को लेकर बीते शनिवार को पूरे प्रदेश में छात्रों द्वारा हिंसक प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान छपरा में डियूटी के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) गंभीर रुप से घायल हुए थे, जिनका पटना में इलाज चल रहा है। बीडीओ के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद पूरे बिहार में प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर सोमवार 27 जुलाई 2026 से राज्यभर के बीडीओ काली पट्टी बांधकर अपना नियमित सरकारी काम करते हुए प्रतीकात्मक विरोध दर्ज करा रहे हैं। सुपौल के प्रखंड विकास पदाधिकारी निशांत कुमार ने इस प्रतीकात्मक आंदोलन की पुष्टि की है।


मुख्य सचिव को सौंपा गया ज्ञापन, 2 बॉडी गार्ड और सुरक्षा उपकरणों की मांग

बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने राज्य के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर बीडीओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की गुहार लगाई है। संघ का कहना है कि संवेदनशील ड्यूटी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल न होने से अधिकारियों की जान जोखिम में रहती है। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, शील्ड और लेग गार्ड उपलब्ध कराए जाएं तथा प्रत्येक बीडीओ के साथ कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए।


मुफ्त इलाज, विशेष बीमा और एसओपी (SOP) लागू करने की उठाई मांग

संघ ने मांग की है कि ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले अधिकारियों के लिए उच्च स्तरीय सरकारी अस्पतालों में निशुल्क और बेहतर इलाज, विशेष बीमा एवं क्षतिपूर्ति की व्यवस्था लागू की जाए। इसके साथ ही, अति-संवेदनशील विधि-व्यवस्था ड्यूटी के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जानी चाहिए। संघ ने छपरा की घटना की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


सरकार की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने वाले अधिकारियों की सुरक्षा पर जोर

सुपौल के बीडीओ निशांत कुमार ने बताया कि संघ के निर्णयानुसार सभी बीडीओ काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं और यह प्रतीकात्मक आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती। संघ का तर्क है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में मुख्य भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें एक सुरक्षित कार्य वातावरण देना सरकार का दायित्व है।


शीघ्र सकारात्मक निर्णय की उम्मीद

अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी मांगों पर शीघ्र ही संवेदनशील और सकारात्मक रुख अपनाएगी। फिलहाल, सभी प्रखंडों में सरकारी कामकाज को ठप्प किए बिना काली पट्टी बांधकर यह शांत और अनुशासित विरोध जारी है, जिससे आम जनता के काम भी प्रभावित नहीं हो रहे हैं और संदेश भी सरकार तक पहुंच रहा है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट