सुपौल में कोसी का तांडव: पचगछिया में नदी में समाई सरकारी जलमीनार, दहशत में ग्रामीण
Supaul : जिले में कोसी नदी का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले के किशनपुर अंचल अंतर्गत मौजहा पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित पचगछिया गांव में कोसी नदी का कटाव लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। शुक्रवार को नदी की तेज धारा के कारण नल-जल योजना के तहत निर्मित एक मिनी जलमीनार और उससे जुड़ा चदरा युक्त भवन ढहकर नदी में समा गया। यह जलमीनार ग्रामीण रामविलास कुमार के घर के समीप स्थापित था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना हुआ है।
जलस्तर घटते ही तेज हुआ कटाव का रफ्तार
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोसी नदी के जलस्तर में जैसे ही थोड़ी कमी आती है, कटाव की रफ्तार और ज्यादा तेज व खतरनाक हो जाती है। नदी धीरे-धीरे आवासीय इलाकों और आबादी की ओर रुख कर रही है, जिससे पचगछिया गांव के दर्जनों परिवारों के सामने विस्थापन का गहरा संकट मंडराने लगा है। लोग अपने घरों और जमीन को नदी में समाते देख रात-दिन डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग के खिलाफ बढ़ता असंतोष
गांव के रामकुमार, रामेश्वर कुमार, जयराम यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा और निरीक्षण तो कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर कटाव रोकने के लिए अब तक कोई ठोस और प्रभावी निरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस अनदेखी और सुस्त रवैये से स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
तत्काल सुरक्षा उपाय और मुआवजा देने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से अविलंब कटाव निरोधी (Erosion Control) कार्य शुरू कराने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए गए, तो गांव के कई और घर, सरकारी संपत्तियां और उपजाऊ कृषि भूमि कोसी की तेज धारा में बह जाएगी, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक और व्यक्तिगत क्षति झेलनी पड़ेगी।
15 घर नदी में विलीन, उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट
मामले की जानकारी देते हुए किशनपुर के प्रभारी अंचलाधिकारी (CO) जियाउल कमर ने बताया कि कोसी के इस भीषण कटाव में अब तक करीब 15 घर पूरी तरह नदी में विलीन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित परिवारों का विस्तृत प्रतिवेदन और क्षति का आकलन तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेज दिया गया है। उच्चाधिकारियों से निर्देश प्राप्त होते ही प्रभावितों को राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करने की कार्रवाई की जाएगी।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट