कोसी पुनर्वासित परिवारों का सुपौल में विशाल धरना-प्रदर्शन, उठाई मालिकाना हक की मांग

कोसी पुनर्वासित परिवारों का विशाल धरना-प्रदर्शन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : कोसी पुनर्वासित परिवारों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय में एक विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। समाजसेवी एवं युवा नेता लव यादव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।


जमीन का मालिकाना हक देने की प्रमुख मांग

धरना सभा को संबोधित करते हुए युवा नेता लव यादव ने कहा कि कोसी परियोजना के दौरान विस्थापित हुए परिवार दशकों बाद भी अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि पुनर्वासित परिवारों को अविलंब उनकी भूमि का स्थायी स्वामित्व अधिकार प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें कानूनी रूप से अपनी ही जमीन पर अनिश्चितता के माहौल में न जीना पड़े।


होल्डिंग टैक्स माफ करने और आवास योजना के लाभ की अपील

वक्ताओं ने पुनर्वासित परिवारों पर लगाए जा रहे होल्डिंग टैक्स को तुरंत पूरी तरह माफ करने की जोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन परिवारों पर अतिरिक्त कर का बोझ डालना अनुचित है। इसके साथ ही, सभी पात्र बेघर पुनर्वासित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर वर्तमान सरकारी आवास योजनाओं का लाभ देकर पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।


बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा पर आक्रोश

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विस्थापन के वर्षों बाद भी पुनर्वासित क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि विशेष अभियान चलाकर लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए। इस दौरान महिलाओं की बड़ी भागीदारी रही और शांतिपूर्ण माहौल में जोरदार नारेबाजी की गई।


मांगें पूरी न होने पर उग्र जनआंदोलन की दी चेतावनी

प्रदर्शन के अंत में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा। लव यादव और अन्य नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी न्यायसंगत मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारों की प्राप्ति तक चरणबद्ध और लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट