मुखिया का OSR नीति पर विरोध, कहा- पहले पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत करे सरकार

मुखिया का OSR नीति पर विरोध- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul :  जिले के राघोपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित टीसीपी भवन में गुरुवार को ऑन सोर्स रेवेन्यू (OSR) विषय पर आयोजित एक दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशिक्षण संपन्न होते ही राघोपुर, बसंतपुर एवं सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड की पंचायतों के मुखियाओं ने राज्य सरकार की नई ओएसआर नीति का सामूहिक विरोध किया और 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं में किए गए बदलावों पर पुनर्विचार की मांग की।


राघोपुर मुखिया संघ के अध्यक्ष प्रकाश यादव, बसंतपुर अध्यक्ष नेहा मौशम खेड़वार और सरायगढ़-भपटियाही अध्यक्ष विजय कुमार यादव के नेतृत्व में मुखियाओं ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बुनियादी ढांचा और संसाधन उपलब्ध कराए बिना पंचायतों में ऑन सोर्स रेवेन्यू लागू करना कतई व्यावहारिक नहीं है। अधिकांश पंचायतों में हाट-बाजार, पोखर या तालाब जैसे आय के साधन ही उपलब्ध नहीं हैं।


मुखिया प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि एक तरफ गांवों में नल-जल योजना की स्थिति जर्जर है और कई जगहों पर लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार राजस्व संग्रह का दबाव बना रही है। इसके अलावा चार साल बीत जाने के बाद भी पंचायत सरकार भवनों का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।


प्रशिक्षण में शामिल जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग की कि सरकार पहले ग्राम पंचायतों का सुदृढ़ीकरण करे और उन्हें पर्याप्त संसाधन देकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाए, उसके बाद ही ओएसआर लागू करने पर विचार किया जाए। साथ ही स्वच्छता मद को 16वें वित्त आयोग की राशि से अलग रखने की भी जोरदार मांग की गई।


इस विरोध प्रदर्शन और प्रेस वार्ता के दौरान मुखिया अनीता देवी, मीरा देवी, सरस्वती देवी, चंदन राम, प्रीति कुमारी, चंद्रकला देवी, गुलेशा खातून, कमलेश साह, नोशी प्रवीण और इंदु देवी समेत तीनों प्रखंडों के कई जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट