नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी: नगर परिषद में जड़ा ताला, सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप

नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाइज फेडरेशन के बैनर तले नगर निकाय कर्मियों की तीन सूत्री मांगों को लेकर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी पूरी उग्रता के साथ जारी रही। हड़ताल के दूसरे दिन सुपौल नगर परिषद कार्यालय में आक्रोशित कर्मियों ने मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यालय में तालाबंदी के कारण प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया है, वहीं शहर की नियमित साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।


कार्यालय परिसर में डटे कर्मीएकजुटता का प्रदर्शन 

हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में नगर निकाय कर्मी कार्यालय परिसर में ही डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज में एकजुटता का प्रदर्शन किया। सफाई व्यवस्था के साथ-साथ नगर परिषद द्वारा संचालित कई आवश्यक सेवाएं ठप हो जाने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह कचरे का अंबार लगने लगा है, जिससे स्वच्छता अभियान को गहरा झटका लगा है।


'सरकार कर रही सौतेला व्यवहार': असजद आलम 

हड़ताल की अगुवाई कर रहे बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाइज फेडरेशन के महामंत्री मोहम्मद असजद आलम उर्फ अप्पू ने बिहार सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय से नगर निकाय कर्मियों की जायज मांगों और समस्याओं की अनदेखी कर रही है। विभाग के इस सौतेले व्यवहार के कारण ही कर्मियों को मजबूर होकर अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा है।


सकारात्मक पहल न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी 

महामंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि नगर निकाय कर्मी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक यह राज्यव्यापी हड़ताल अनवरत जारी रहेगी और आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।


वार्ता कर जल्द समाधान निकालने की मांग 

हड़ताली कर्मियों ने राज्य सरकार से अविलंब प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता कर समस्याओं का सर्वमान्य समाधान निकालने की गुहार लगाई है। कर्मियों का कहना है कि वे शहर की सफाई, जलापूर्ति और नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी दिन-रात निभाते हैं, फिर भी उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। यदि सरकार ने शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो नगर परिषद के सभी प्रशासनिक और नागरिक कार्य पूरी तरह ठप हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट