बहुचर्चित वीरपुर मर्डर केस में फैसला, 3 दोषियों को आजीवन कारावास, पैक्स अध्यक्ष के भांजे के हत्यारों का अब जेल में कटेगा जीवन
सुपौल की अदालत ने वीरपुर के प्रदीप यादव हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 2020 में हुई इस वारदात में पूर्व पैक्स अध्यक्ष गणेश यादव के भांजे की हत्या कर दी गई थी।
Supaul - सुपौल के वीरपुर थाना क्षेत्र में 2020 में हुए बहुचर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने गुरुवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अदालत ने इस वारदात के तीन मुख्य आरोपियों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। कोर्ट ने न केवल जेल की सजा दी, बल्कि तीनों दोषियों पर भारी अर्थदंड भी लगाया है।
उम्रकैद के साथ अर्थदंड की सजा
अदालत ने जगदीश करोजिया, मनीष कुमार यादव और कुंदन कुमार गोईत को हत्या की धारा 302/34 के तहत उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर उन्हें छह माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। इसके अलावा, जानलेवा हमले (धारा 307/34) में तीनों को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और आर्म्स एक्ट के तहत जगदीश व मनीष को 4 वर्ष की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है।
7 मई 2020 की खूनी वारदात
यह पूरा मामला 7 मई 2020 की रात का है, जब वीरपुर थाना क्षेत्र के बाढ़ आश्रय टिहली भवन के पास घात लगाए अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। उस वक्त पूर्व पैक्स अध्यक्ष गणेश यादव अपने भांजे प्रदीप यादव के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इस हमले में भांजे प्रदीप यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गणेश यादव गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
26 गवाहों ने दिलाई न्याय की जीत
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपनी बात रखी और कुल 26 गवाहों को पेश किया। अपर लोक अभियोजक अमर कुमार दास की दलीलों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। गौरतलब है कि इस मामले में कुल 13 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 09 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में पहले ही बाइज्जत बरी कर दिया गया था।
रिपोर्ट- विनय कुमार मिश्रा