लोन का बोझ या ससुराल का टॉर्चर? सुपौल में 4 बच्चों की माँ की संदिग्ध मौत, फंदे के निशान और फरार ससुराल वालों ने खड़े किए बड़े सवाल!

एक विवाहिता की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 30 वर्षीय सहजादी खातून का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है, जिसके गले पर फंदे के गहरे निशान हैं। जहाँ एक ओर ससुराल पक्ष इसे 'लोन के तनाव में आत्महत्या' बता रहा है

Supaul  : सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिद्दीकी चौक के समीप एक 30 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला प्रकाश में आया है। मृतका की पहचान मो. जियाउल की पत्नी सहजादी खातून के रूप में हुई है, जो चार बच्चों की माँ थी। शनिवार को सहजादी का शव घर में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका के गले पर फंदे के निशान पाए गए हैं, जिससे मौत के कारणों को लेकर संशय गहरा गया है।

 विवाद का कारण 

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतका किसी फाइनेंस कंपनी से लिए गए लोन को चुकाने को लेकर काफी समय से मानसिक तनाव में थी। बताया जा रहा है कि इसी कर्ज को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर कहासुनी और विवाद होता रहता था। ससुराल पक्ष का दावा है कि इसी परेशानी के चलते महिला ने आत्मघाती कदम उठाया है, जबकि पुलिस अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से गौर कर रही है।

मायके पक्ष के आरोप

 पिपरा थाना क्षेत्र के जोल्हनिया निवासी मृतका के परिजनों ने ससुराल वालों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मायके वालों का सीधा आरोप है कि सहजादी की हत्या की गई है और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष के सभी सदस्यों का घर छोड़कर फरार हो जाना इन आरोपों को और अधिक बल दे रहा है।

पुलिस की कार्रवाई

 सूचना मिलते ही छातापुर थानाध्यक्ष प्रमोद झा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए देर रात सुपौल भेज दिया गया। चूंकि ससुराल पक्ष फरार है, इसलिए पोस्टमार्टम के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को मायके पक्ष के सुपुर्द कर दिया गया है।

वर्तमान स्थिति

 फिलहाल पुलिस मृतका के मायके पक्ष से औपचारिक आवेदन मिलने का इंतजार कर रही है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। स्थानीय स्तर पर मामले को रफा-दफा करने की कोशिशों की भी चर्चा है, लेकिन पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आवेदन मिलते ही विधि-सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट: विनय कुमार मिश्र