कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट
सुपौल जिले में कोसी नदी के जलस्तर में जारी उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को जलप्रवाह में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर में आई इस तेजी के बाद नदी के बहाव और जल प्रवाह पर सिंचाई तथा आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है.....
Supaul : जिले में कोसी नदी के जलस्तर में जारी उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को जलप्रवाह में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। 02 सितंबर 2026 की शाम 6 बजे कोसी बराज से कुल 2,29,650 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। जलस्तर में आई इस तेजी के बाद नदी के बहाव और जल प्रवाह पर सिंचाई तथा आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है।
डाउनस्ट्रीम और मुख्य नहरों में जल निकास का विवरण
बराज नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, शाम 6 बजे कुल जारी किए गए पानी में से डाउनस्ट्रीम में 2,25,650 क्यूसेक जल छोड़ा गया। वहीं वेस्टर्न कोसी मेन कैनाल (W.K.M.C.) में 4,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया, जबकि ईस्टर्न कोसी मेन कैनाल (E.K.M.C.) में पानी का डिस्चार्ज शून्य दर्ज हुआ। नहरों और डाउनस्ट्रीम में पानी का प्रवाह बढ़ने से नदी की मुख्य धारा पर दबाव बढ़ गया है।
बराह क्षेत्र में जलप्रवाह 1.57 लाख क्यूसेक पर पहुंचा
कोसी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र यानी बराह क्षेत्र में शाम 6 बजे जलप्रवाह 1,57,000 क्यूसेक दर्ज किया गया। नेपाल के पहाड़ी और ऊपरी इलाकों में हो रही बारिश के कारण बराह क्षेत्र में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। बराह क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ते ही बराज से डिस्चार्ज की मात्रा बढ़ानी पड़ी, जिससे मैदानी इलाकों में नदी उफान पर आ गई है।
निचले और तटीय इलाकों में बढ़ा बाढ़ और जलभराव का खतरा
बराज से अचानक बढ़े जलप्रवाह के कारण नदी के तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पानी का फैलाव बढ़ने से दियारा क्षेत्रों और तटीय गांवों में जलभराव तथा कटाव का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय ग्रामीण अपने स्तर से भी नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
तटबंधों पर बढ़ी चौकसी, प्रशासन ने सतर्क रहने की दी हिदायत
जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल और जिला प्रशासन ने संवेदनशील तटबंधों पर गश्त बढ़ा दी है। अभियंताओं और फ्लड फाइटिंग टीमों को 24 घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को अनावश्यक रूप से पानी के पास न जाने और सुरक्षित स्थानों के संपर्क में रहने की अपील की गई है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट